इंदौर: होटल रेटिंग के टास्क और क्रिप्टो मुनाफे का झांसा देकर महिला से लाखों की ठगी
इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में एक महिला से ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने पहले व्हाट्सएप पर ऑनलाइन पैसे कमाने का मैसेज भेजा और टेलीग्राम पर होटल के रिव्यू-रेटिंग का टास्क दिया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

व्हाट्सएप मैसेज से शुरू हुआ जाल
इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला को घर बैठे पैसे कमाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने लाखों रुपये की चपत लगा दी। पीड़िता को पहले व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया, जिसमें ऑनलाइन पार्ट-टाइम काम करके मोटी कमाई करने का प्रलोभन दिया गया था। महिला ने जब इस प्रस्ताव में रुचि दिखाई, तो उसे टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता को शुरुआत में छोटे-छोटे टास्क दिए गए। इन टास्क में उसे विभिन्न होटलों को ऑनलाइन रेटिंग और रिव्यू देने का काम सौंपा गया था। भरोसा जीतने के लिए ठगों ने शुरुआत में पीड़िता को कुछ छोटी राशि का भुगतान भी किया, जिससे महिला को लगा कि यह काम पूरी तरह सुरक्षित और वैध है।
क्रिप्टो निवेश और मुनाफे का लालच
छोटे टास्क पूरे होने के बाद अपराधियों ने अपना असली खेल शुरू किया। उन्होंने महिला को शेयर मार्केट और क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने का सुझाव दिया। ठगों ने दावा किया कि यदि वह उनके बताए प्लेटफॉर्म पर निवेश करती है, तो उसे हर निवेश पर 30 प्रतिशत का भारी मुनाफा मिलेगा। महिला को एक फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजा गया, जहां उसे अपने निवेश का ग्राफ और मुनाफा ऑनलाइन दिखाई देने लगा।
महिला ने शुरुआत में 800 रुपये का निवेश किया, जिस पर उसे तुरंत मुनाफा दिखाया गया। इसके बाद ठगों ने उसे और बड़ी रकम जमा करने के लिए उकसाना शुरू कर दिया। लालच में आकर पीड़िता ने पहले 3,000 रुपये और फिर धीरे-धीरे 10,000 रुपये से लेकर 30,000 रुपये तक की राशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी।
रकम वापसी के नाम पर फिर से वसूली
जब पीड़िता ने अपने निवेश किए हुए पैसे और मुनाफे को वापस निकालने की कोशिश की, तो उसे एक और बाधा का सामना करना पड़ा। ठगों ने उससे कहा कि पूरी रकम निकालने के लिए उसे 50,000 रुपये का अतिरिक्त 'टैक्स' या 'प्रोसेसिंग फीस' जमा करनी होगी। इस मांग के बाद महिला को ठगी का अहसास हुआ और उसने अपने पति को पूरी घटना की जानकारी दी।
पीड़िता के पति सिद्धार्थ शर्मा ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क किया और मामले की शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल की प्रारंभिक जांच के बाद हीरानगर पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस की चेतावनी और जांच
पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है जिनका उपयोग ठगों ने पैसे ऐंठने के लिए किया था। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के गिरोह अक्सर फर्जी पहचान का उपयोग करते हैं और लोगों को रातों-रात अमीर बनाने का सपना दिखाकर फंसाते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करें।
फिलहाल, पुलिस मामले की तकनीकी जांच में जुटी है ताकि ठगों के नेटवर्क का पता लगाया जा सके। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के 'टास्क स्कैम' में शामिल अपराधी अक्सर देश के बाहर से या अलग-अलग राज्यों से संचालित होते हैं, जिससे उनकी गिरफ्तारी एक चुनौती बनी हुई है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!