इंदौर: रसकुंडिया जंगल में अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर हमला, तलवार से वनरक्षक घायल
Forest department team attacked by villagers during anti-encroachment drive in Raskundiya forest area. इस झड़प में रेंज के एक वनरक्षक के हाथ की कलाई पर तलवार लगने से वह घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए मध्यभारत अस्पताल भेजा गया। आरोपियों ने जेसीबी और वन विभाग की एम्बुलेंस पर भी पत्थर बरसाए, जिसकी वजह से गाड़ियों में भी नुकसान हुआ है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

इंदौर जिले के चोरल रेंज अंतर्गत आने वाले रसकुंडिया के जंगलों में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सरकारी काम से पहुंची वन विभाग की टीम पर कुछ लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। अतिक्रमण वाले क्षेत्र में जल संरक्षण और कंटूर निर्माण का कार्य रोकने के लिए पहुंचे हमलावरों ने न केवल कर्मचारियों के साथ मारपीट की, बल्कि सरकारी वाहनों में भी जमकर तोड़फोड़ की।
तलवार और फालिया से लैस होकर पहुंचे आरोपी
वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची, तो वहां प्रेमसिंह भील और उसके दो बेटे पवन और अनोखीलाल हाथों में तलवार और फालिया लेकर पहुंच गए। आरोपियों ने पहले तो कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और काम बंद करने का दबाव बनाया। जब टीम ने विरोध किया, तो उन्होंने पथराव शुरू कर दिया, जिससे वहां मौजूद जेसीबी मशीनों और वन विभाग की एम्बुलेंस के कांच पूरी तरह टूट गए।
हाथापाई के दौरान पवन ने वनरक्षक आनंद कुमार सिंह पर तलवार से हमला करने की कोशिश की। इस दौरान तलवार का हत्था आनंद कुमार की कलाई पर लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में अन्य कर्मचारियों ने उन्हें छुड़ाया और इलाज के लिए मध्यभारत अस्पताल ले गए, जहां उनका उपचार जारी है।
जान से मारने की धमकी और पुलिस कार्रवाई
हमलावरों ने न केवल सरकारी काम में बाधा डाली, बल्कि वन विभाग के कर्मचारियों को भविष्य में दोबारा उस क्षेत्र में न आने की चेतावनी भी दी। आरोपियों ने धमकी दी कि यदि वे दोबारा इस जमीन पर काम करने आए, तो उन्हें जान से खत्म कर दिया जाएगा। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी हथियारों के साथ सरकारी कार्य को बाधित करते हुए स्पष्ट देखे जा सकते हैं।
घटना की सूचना मिलते ही सिमरोल पुलिस मौके पर पहुंची। वनपाल दर्शन सिंह परमार की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने पवन, अनोखीलाल और प्रेमसिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए तलाश शुरू कर दी है।
सरकारी संपत्ति को हुआ नुकसान
इस हमले में वन विभाग की टीम को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। सरकारी काम के लिए लाई गई जेसीबी मशीनों और विभाग की एम्बुलेंस को निशाना बनाकर किए गए पथराव से वाहनों की स्थिति खराब हो गई है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने और कर्मचारियों पर जानलेवा हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जंगल क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने के लिए विभाग की यह मुहिम अब एक बड़े विवाद में तब्दील हो गई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
