ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं की छात्राओं को मिलेगा फोर्टिफाइड दूध, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना (MMDUY) के तहत छात्राओं को फोर्टिफाइड स्किम्ड फ्लेवर्ड मिल्क पाउडर और प्रोटीन मिल्क बार उपलब्ध कराने जा रही है।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

1 सितंबर 20263 मिनट पढ़ें
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं की छात्राओं को मिलेगा फोर्टिफाइड दूध, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश
मूल स्रोत

मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना का विस्तार

हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत छात्राओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने 'मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना' (MMDUY) के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को फोर्टिफाइड स्किम्ड फ्लेवर्ड मिल्क पाउडर और प्रोटीन मिल्क बार उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किशोरियों में पोषण की कमी को दूर करना और उन्हें शारीरिक रूप से सशक्त बनाना है।

विद्यालय शिक्षा निदेशालय, पंचकूला ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए हैं। योजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही हेतु मांग (डिमांड) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ केवल उच्च कक्षाओं की छात्राओं तक ही सीमित रहेगा।

पोर्टल पर डेटा अपडेट करने की समय-सीमा

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों को 1 सितंबर से 8 सितंबर 2026 के बीच MIS पोर्टल पर अपनी मांग दर्ज करनी होगी। स्कूल प्रभारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर डेटा अपलोड हो जाए। किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा, क्योंकि यह सीधे तौर पर छात्राओं के पोषण से जुड़ा मामला है।

मांग दर्ज करते समय स्कूल प्रभारियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें अपने स्कूल में पहले से उपलब्ध स्टॉक की सटीक गणना करनी होगी और वर्तमान स्टॉक को घटाकर ही कुल आवश्यकता का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज करना होगा। इससे संसाधनों का सही प्रबंधन सुनिश्चित हो सकेगा और किसी भी प्रकार की बर्बादी को रोका जा सकेगा।

जिला शिक्षा अधिकारियों की निगरानी और निर्देश

निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर केवल 9वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं का ही डेटा भरा जाना चाहिए। इस प्रक्रिया में मिड-डे-मील (MDM) से संबंधित किसी भी जानकारी को शामिल करने की अनुमति नहीं है। यह स्पष्टीकरण इसलिए दिया गया है ताकि योजना के डेटा में कोई भ्रम न रहे और लक्ष्य समूह को सही लाभ मिल सके।

इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) द्वारा की जाएगी। DEO अपने स्तर पर पोर्टल लॉगिन करके यह देख सकेंगे कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले किस स्कूल ने अब तक अपनी मांग दर्ज नहीं की है। यदि किसी स्कूल द्वारा निर्धारित समय तक डेटा नहीं भरा जाता है, तो संबंधित स्कूल प्रभारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

योजना का महत्व और भविष्य की राह

सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए फोर्टिफाइड दूध और प्रोटीन बार की उपलब्धता एक सराहनीय प्रयास है। अक्सर देखा गया है कि किशोरावस्था में पोषण की कमी के कारण छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में सरकार की यह योजना न केवल उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करेगी, बल्कि स्कूलों में छात्राओं की उपस्थिति और उनके शैक्षणिक प्रदर्शन में भी सुधार लाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।

आने वाले समय में शिक्षा विभाग इस योजना के प्रभाव का आकलन भी कर सकता है। फिलहाल, सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिलों में इस योजना के सफल क्रियान्वयन को प्राथमिकता दें। स्कूल स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह अनिवार्य है कि डेटा प्रविष्टि में पूर्ण सटीकता बरती जाए।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें