हरियाणा विधानसभा: विधायक गोकुल सेतिया ने सरकार पर साधा निशाना, नशाखोरी और जन समस्याओं पर जताई चिंता
हरियाणा विधानसभा कार्यवाही पर गोकुल सेतिया मीडिया को दिए बयान में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ऐसा है हमने लोगों की आवाज को सरकार के सामने उठाने का काम किया है। मुख्यमंत्री और सब मंत्री और सभी विधायकों के सामने आज लोगों की मांगों को उठाने का काम किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जनता की आवाज दबाने का आरोप
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सदन की कार्यवाही से इतर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष का मुख्य दायित्व जनता की समस्याओं को सरकार के समक्ष मजबूती से रखना है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी विपक्ष आम नागरिकों की पीड़ा को सदन में उठाने का प्रयास करता है, तो उसे दबाने की कोशिश की जाती है।
सेतिया ने कहा कि भीषण गर्मी और विपरीत परिस्थितियों में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने वाले सफाई कर्मचारियों और अन्य वर्गों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि यदि जनप्रतिनिधि सदन में जनता की आवाज नहीं उठाएंगे, तो आखिर वे किस उद्देश्य के लिए चुनकर आए हैं। उन्होंने सरकार की उदासीनता पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों को नजरअंदाज करना लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।
युवा पीढ़ी और नशाखोरी पर चिंता
विधायक गोकुल सेतिया ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति और विशेष रूप से युवाओं में बढ़ती नशाखोरी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य में नशीली गोलियों और टीकों का चलन खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, लेकिन इस पर प्रभावी रोक लगाने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने जवान बच्चों को नशे की भेंट चढ़ते देखा है, उनकी पीड़ा का अंदाजा सरकार को नहीं है।
उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर भाजपा सरकार होने का जिक्र करते हुए कहा कि बार-बार मुद्दे उठाने के बावजूद धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही है। सेतिया के अनुसार, सरकार इन गंभीर विषयों पर चर्चा करने के बजाय विपक्ष की आवाज को दबाने में अधिक रुचि ले रही है।
सदन में हंगामे और निलंबन की कार्रवाई
विधानसभा सत्र के पहले दिन का माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। कांग्रेस विधायक काले कपड़े पहनकर सदन पहुंचे और विभिन्न मुद्दों पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। सदन के भीतर मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा कांग्रेस के प्रदर्शन को 'गुंडागर्दी' करार दिए जाने के बाद हंगामा और बढ़ गया।
हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष को दो बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी विधायकों द्वारा वेल में आकर नारेबाजी करने के बाद अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाते हुए 8 विधायकों को दिनभर के लिए सदन से निलंबित कर दिया। निलंबित होने वालों में गोकुल सेतिया के अलावा इंदु राज नरवाल, विकास सहारण, देवेंद्र हंस, शकुंतला खटक, आदित्य सुरजेवाला, जस्सी पेटवाड़ और बलराम दांगी शामिल रहे।
विपक्ष की आगे की रणनीति
सदन में हुई इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक दल ने सत्र से पहले एक बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर रणनीति तैयार की थी। अब निलंबन के बाद विपक्ष किस तरह से अपनी बात जनता तक पहुंचाता है और आगे की कार्यवाही में क्या रुख अपनाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, सरकार और विपक्ष के बीच का यह टकराव प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!