ग्वालियर में 48 घंटे की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में भरा घुटनों तक पानी
ग्वालियर में पिछले 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने शहर की प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। तेज बारिश के कारण शहर की पॉश शिव विहार कॉलोनी समेत कई इलाकों की सड़कों पर घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor in chief

ग्वालियर में पिछले 48 घंटों से जारी लगातार मूसलाधार बारिश ने शहर की सूरत बिगाड़ दी है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा होने के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई है और लोगों को अपने दैनिक कार्यों के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
शिव विहार कॉलोनी और कोर्ट परिसर में जलभराव
शहर की पॉश कॉलोनियों में शुमार शिव विहार कॉलोनी में बारिश का पानी घरों के बाहर तक जमा हो गया है। इस क्षेत्र के पास स्थित जिला न्यायालय परिसर में भी जलभराव की समस्या देखने को मिली है। कोर्ट आने वाले वकीलों, पक्षकारों और आम नागरिकों को परिसर तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पानी के कारण कई दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए, जिससे आवाजाही और अधिक बाधित हुई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव की यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि हर साल बारिश के दौरान उन्हें इसी तरह की स्थितियों का सामना करना पड़ता है। कई घरों में पानी घुसने से लोगों का घरेलू सामान खराब हो गया है। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है और सड़कों पर बने गहरे गड्ढे पानी में छिप जाने के कारण वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
शहर की मुख्य सड़कों पर लगा लंबा जाम
बारिश का व्यापक असर शहर के मुख्य मार्गों पर भी देखा गया। गोले का मंदिर चौराहा, नारायण विहार, डीडी नगर, रेलवे स्टेशन रोड, झांसी रोड, जयेन्द्रगंज, जगदीश नगर, दर्पण कॉलोनी, पीएचई कॉलोनी, निगम मुख्यालय के सामने, बाल भवन, फायर ब्रिगेड कार्यालय, नदी गेट और फूलबाग जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। इन रास्तों पर पानी जमा होने के कारण यातायात की गति धीमी हो गई और लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे।
शहर की निचली बस्तियों में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। यहां जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी घरों में घुस गया है, जिससे रहवासियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम ने मानसून शुरू होने से पहले नालों और सीवर लाइनों की सफाई के दावे तो किए थे, लेकिन धरातल पर काम अधूरा रहा, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
प्रशासनिक दावों की खुली पोल
नालियों में कचरा और गाद जमा होने के कारण बारिश का पानी समय पर निकासी नहीं पा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई की जाती, तो जलभराव की यह स्थिति इतनी विकराल नहीं होती। नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए रहवासियों ने कहा कि हर साल बारिश के समय यही स्थिति दोहराई जाती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल, बारिश का दौर जारी रहने के कारण जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है। प्रशासन और नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पानी निकालने के प्रयास में जुटी हैं, लेकिन जलभराव की व्यापकता को देखते हुए स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है। शहर के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल निकासी के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में उन्हें ऐसी समस्याओं से न जूझना पड़े।

Editor in chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
