गुरुग्राम सड़क हादसा: थार की टक्कर में घायल 20 वर्षीय दिवांश की मौत, बहन वेंटिलेटर पर
इलाज के दौरान रात करीब 1:30 बजे दिवांश की मौत हो गई। वहीं, दिवांश की कजन बहन अभी भी वेंटिलेटर पर है और डॉक्टर उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

चार दिन के संघर्ष के बाद दिवांश ने तोड़ा दम
गुरुग्राम के जेल चौक पर 17 जुलाई को हुई भीषण सड़क दुर्घटना में घायल 20 वर्षीय दिवांश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। हादसे के चार दिन बाद बीती रात करीब 1:30 बजे अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस घटना ने चड्ढा परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। दिवांश के साथ कार में सवार उसकी कजन बहन की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है और वह अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर है।
घटना के दिन दिवांश अपनी मां मीनाक्षी चड्ढा, बहन और एक रिश्तेदार के साथ बलेनो कार से जा रहा था। तभी एक तेज रफ्तार महिंद्रा थार ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बलेनो कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। आरोपी चालक रोहित पर नशे में धुत होकर गाड़ी चलाने का आरोप है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि आरोपी रोहित का ब्लड-अल्कोहल टेस्ट कराने में पुलिस ने 12 घंटे की देरी की। दुर्घटना सुबह 4:40 बजे हुई थी, लेकिन मेडिकल जांच शाम 5:27 बजे की गई। जानकारों का मानना है कि इतनी देरी से वैज्ञानिक साक्ष्य कमजोर हो सकते हैं, जिसका सीधा लाभ आरोपी को मिल सकता है।
पुलिस का तर्क है कि आरोपी अत्यधिक नशे में था और डॉक्टर पर हमला कर सकता था, इसलिए देरी हुई। वहीं, पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को बचाने का प्रयास किया। इसके अलावा, दर्ज की गई एफआईआर में आरोपी की गिरफ्तारी का स्पष्ट उल्लेख न होना भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा करता है।
हादसे के बाद आरोपी का व्यवहार और जांच की स्थिति
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद आरोपी रोहित ने घायलों की मदद करने के बजाय उनके साथ बदतमीजी की और मौके से भागने की कोशिश की। हालांकि, स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। एसीपी नवीन शर्मा ने बताया कि थार में सवार दो अन्य लोग फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश जारी है।
मुख्य आरोपी रोहित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, लेकिन दिवांश की मौत और उसकी बहन की नाजुक स्थिति ने गुरुग्राम में रात के समय होने वाली तेज रफ्तार और नशे में गाड़ी चलाने की घटनाओं पर फिर से बहस छेड़ दी है।
परिवार में मातम और आगे की राह
दिवांश की मौत की खबर के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल परिसर में शोक का माहौल है। दिवांश की बहन की स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं और अगले 24 से 48 घंटे उसके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोग अब इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
