गुरुग्राम: पुलिस बनकर आए ठगों ने रिटायर्ड प्रोफेसर को बनाया शिकार, 5 लाख के कंगन लेकर हुए फरार
गुरुग्राम में नकली पुलिसकर्मियों द्वारा ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां दो शातिर ठगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला को अपनी बातों के जाल में फंसाया और झांसा देकर उनके सोने के कंगन लेकर फरार हो गए।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

पुलिस अधिकारी बताकर महिला को झांसे में लिया
गुरुग्राम में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले दो बदमाशों ने एक रिटायर्ड महिला प्रोफेसर को अपना शिकार बनाया। सेक्टर-7 एक्सटेंशन इलाके में हुई इस घटना में आरोपियों ने महिला को सुरक्षा का हवाला देकर उनके सोने के कंगन उतरवा लिए और उन्हें नकली आभूषण थमाकर फरार हो गए। पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना 1 सितंबर की सुबह करीब 9 बजे की है। 65 वर्षीय सरला कुमारी आर्य समाज मंदिर से पूजा कर अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक उनके पास आकर रुके। उन्होंने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए महिला को डराया कि आगे बदमाश घूम रहे हैं और चेकिंग चल रही है। उन्होंने महिला से कहा कि उनके सोने के कंगन पहनकर चलना असुरक्षित है, इसलिए इन्हें उतारकर बैग में रख लेना ही समझदारी है।
कागज में कंगन लपेटने का किया नाटक
ठगों ने महिला को एक कागज दिया और कहा कि इसमें कंगन लपेटकर पर्स में रख लें। मदद के बहाने एक आरोपी ने महिला के हाथ से सोने के कंगन लिए और उन्हें कागज में लपेटने का नाटक करते हुए वापस थमा दिए। महिला ने बिना जांच किए वह कागज अपने पर्स में रख लिया। घर पहुंचने के बाद जब उन्होंने कंगन निकालने के लिए कागज खोला, तो उसमें नकली कंगन निकले। यह देखकर महिला के होश उड़ गए।
पीड़ित महिला के पति जगदीश चंद, जो खुद दिल्ली में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हैं, ने बताया कि इन कंगनों की वर्तमान बाजार कीमत करीब 5 लाख रुपये थी। उन्होंने पुलिस को दी गई शिकायत में इस बात पर आपत्ति जताई है कि पुलिस ने एफआईआर में कंगन की कीमत मात्र 80 हजार रुपये दर्शाई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि बरामदगी के बाद ही असली मूल्यांकन स्पष्ट हो पाएगा।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दो युवक महिला को बातों में उलझाते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। जांच अधिकारी रज्जक खान ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच को भी सूचित कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस फुटेज के आधार पर बाइक सवार ठगों की पहचान करने में जुटी है।
इस घटना ने एक बार फिर शहर में सक्रिय 'नकली पुलिस' गिरोहों की कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है। अक्सर ऐसे ठग बुजुर्गों को अपना आसान शिकार बनाते हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा खुद को अधिकारी बताने पर तुरंत अपनी पहचान पत्र की मांग करें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें।
फिलहाल, पीड़ित परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी और अपने गहनों की बरामदगी का इंतजार कर रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। इस मामले ने स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, खासकर सुबह-शाम टहलने निकलने वाले बुजुर्गों के बीच।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!