गोरखपुर में मतदान केंद्रों का बदला गणित, 61 बूथ कम करने का प्रस्ताव भेजा गया
जिले में ल्रभग 61 बूथ कम हो रहे हैं। इसको लेकर प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेज दिया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

गोरखपुर जिले में आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच मतदान केंद्रों की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के समापन के बाद मतदाताओं की संख्या में आए बदलावों के चलते अब बूथों के गणित को भी पुनर्गठित किया जा रहा है। प्रशासन ने वर्तमान स्थिति के अनुसार जिले में लगभग 61 मतदान केंद्रों को कम करने का प्रस्ताव तैयार कर निर्वाचन आयोग को भेज दिया है।
बूथों की संख्या में कमी और नए मानक
निर्वाचन आयोग के नए निर्देशों के तहत अब एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई है, जबकि पहले यह संख्या 1500 थी। इस मानक को सख्ती से लागू करने के कारण जिले में बूथों की संख्या प्रभावित हुई है। पूर्व में जिले में कुल 4047 बूथ संचालित थे, लेकिन नए प्रस्ताव के अनुसार अब इनकी संख्या घटकर 3986 रह जाने की संभावना है। आयोग से अंतिम मंजूरी मिलते ही बूथों की यह नई सूची आधिकारिक रूप से जारी कर दी जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बूथों के पुनर्गठन के साथ ही मतदान केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं का भौतिक सत्यापन भी किया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से बिजली की उपलब्धता, पेयजल, शौचालय, दिव्यांगों के लिए रैंप और एप्रोच मार्ग की स्थिति की जांच की जा रही है। जिन केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव पाया जाएगा, वहां सुधार कार्य कराए जाएंगे ताकि मतदान के दिन मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
ईवीएम और तकनीकी तैयारियों पर जोर
चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए गोरखपुर को निर्वाचन आयोग से 1450 नई कंट्रोल यूनिट प्राप्त हुई हैं। इन मशीनों के आने से जिले में उपलब्ध ईवीएम का स्टॉक और अधिक मजबूत हो गया है। वर्तमान में जिले के पास पहले से ही 4632 कंट्रोल यूनिट और 10,125 बैलेट यूनिट मौजूद हैं। जल्द ही भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के विशेषज्ञ इंजीनियर गोरखपुर पहुंचेंगे, जो इन मशीनों की कार्यक्षमता और सुरक्षा की जांच करेंगे।
तकनीकी उपकरणों के साथ-साथ मानव संसाधन के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए मास्टर ट्रेनर्स को तैयार किया जा रहा है। पहले चरण में जिले से 5 मास्टर ट्रेनर्स को विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा, जो वापस आकर अन्य कार्मिकों को चुनाव संचालन का प्रशिक्षण देंगे।
प्रशासनिक प्रक्रिया और आगे की राह
उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जा रही है। प्रस्तावित बूथों की सूची आयोग को भेज दी गई है और वहां से स्वीकृति मिलने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाना है।
आगामी चुनावों के मद्देनजर प्रशासन ने अभी से ही अपनी कमर कस ली है। बूथों के पुनर्गठन से लेकर ईवीएम की जांच और कार्मिकों के प्रशिक्षण तक, हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है। निर्वाचन आयोग से हरी झंडी मिलने के बाद बूथों का अंतिम स्वरूप सामने आएगा, जिसके आधार पर आगे की चुनावी रणनीति तय की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!