गया में वैवाहिक परिचय सम्मेलन: दहेज मुक्त विवाह का संकल्प, सैकड़ों परिवारों ने मिलाए हाथ
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के युवक-युवतियों के लिए सुयोग्य वर-वधू की तलाश को आसान बनाना और समाज में दहेज मुक्त शादियों को बढ़ावा देना था। सम्मेलन में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, असम, ओडिशा व नेपाल जैसे पड़ोसी देश से लगभग 500 से 600 लोग शामिल हुए।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

गया में जुटा समाज: वैवाहिक परिचय सम्मेलन का आयोजन
गया शहर के दुलारी गार्डेन में हाल ही में एक भव्य राज्यस्तरीय और अंतरराज्यीय वैवाहिक परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय दुसाध महासंघ और पासवान समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के युवक-युवतियों के लिए सुयोग्य जीवनसाथी की तलाश को सरल बनाना था। इस आयोजन में न केवल बिहार, बल्कि झारखंड, उत्तर प्रदेश, असम, ओडिशा और पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम में लगभग 500 से 600 लोगों की उपस्थिति रही, जिन्होंने वैवाहिक गठबंधन के लिए अपने बच्चों के बायोडाटा साझा किए। इस दौरान 40 से अधिक युवक-युवतियों के बायोडाटा प्राप्त हुए, जिनमें उनके शिक्षा, व्यवसाय और रोजगार से जुड़ी विस्तृत जानकारी शामिल थी। अभिभावकों ने मंच से अपने बच्चों के लिए योग्य जीवनसाथी की अपेक्षाएं साझा कीं, जिससे रिश्तों को तय करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आई।
दहेज प्रथा के खिलाफ कड़ा रुख
इस सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता दहेज मुक्त विवाह पर दिया गया जोर था। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर हेमंत ने स्पष्ट किया कि इस मंच के माध्यम से होने वाली सभी शादियां पूरी तरह से दहेज मुक्त होंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति दहेज की मांग करता है, तो उसे संगठन और समाज से निष्कासित कर दिया जाएगा। यह पहल समाज में व्याप्त कुरीतियों को जड़ से मिटाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
संगठन ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए भी विशेष सहायता की घोषणा की है। यदि किसी गरीब परिवार की बेटी का विवाह होता है, तो अंतर्राष्ट्रीय दुसाध महासंघ की ओर से उसे 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, अनाथ बच्चियों के विवाह का पूरा खर्च संगठन द्वारा उठाने का संकल्प लिया गया है, ताकि पैसे के अभाव में किसी बेटी का भविष्य प्रभावित न हो।
ऑनलाइन फ्रॉड से बचने की कवायद
आयोजन से जुड़े जयप्रकाश पासवान ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजकल ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म्स पर धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे कई लोगों की जिंदगी खराब हो जाती है। इस समस्या से बचने के लिए एक विश्वसनीय और जिम्मेदार मंच तैयार किया गया है। हाल ही में इस मंच के माध्यम से कई सफल रिश्ते तय हुए हैं, जो संगठन के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
प्रदेश अध्यक्ष जयमाला कुमारी पासवान ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि व्यस्त जीवनशैली के दौर में यह मंच अभिभावकों का कीमती समय बचाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दहेज मुक्त शादियों का संदेश पूरे देश में फैलना चाहिए ताकि समाज का हर वर्ग बिना किसी दबाव के अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित कर सके।
भविष्य की दिशा और सामाजिक एकजुटता
आयोजकों का मानना है कि गया में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर आयोजित इस सम्मेलन ने समाज को एक नई दिशा दी है। बिखरे हुए समाज को जोड़ने और सौराष्ट्र की तर्ज पर एकजुट करने के लिए यह एक सेतु का काम कर रहा है। आने वाले समय में संगठन इस तरह के और भी आयोजन करने की योजना बना रहा है ताकि अधिक से अधिक परिवारों को इस मंच का लाभ मिल सके।
सम्मेलन के अंत में प्राप्त हुए 40 से अधिक बायोडाटा की छंटनी और मिलान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संगठन के प्रतिनिधि इन परिवारों के साथ समन्वय स्थापित कर उचित जीवनसाथी की तलाश में मदद करेंगे। इस पहल ने न केवल विवाह संबंधी चिंताओं को कम किया है, बल्कि सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक मजबूत एकजुटता का संदेश भी दिया है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!