हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड: जेल से ऑपरेट हो रही 'पंपू गैंग' और खूंखार अपराधी राकेश कादियान की पूरी कुंडली
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में गैंगस्टर राकेश कादियान उर्फ पंपू का नाम सामने आया है। पंपू पानीपत का रहने वाला है और फिलहाल करनाल जिला जेल में बंद है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में अब एक नया और चौंकाने वाला नाम सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में पानीपत के कुख्यात गैंगस्टर राकेश कादियान उर्फ पंपू का नाम मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर उभर रहा है। वर्तमान में करनाल जिला जेल में बंद पंपू पर आरोप है कि उसने जेल की चारदीवारी के भीतर से ही इस पूरी वारदात की पटकथा लिखी और शूटरों को निर्देश दिए।
जेल से नेटवर्क और गोगी गैंग से कनेक्शन
जांच एजेंसियों के अनुसार, राकेश पंपू जेल में रहते हुए भी अपराध की दुनिया में सक्रिय है। उसके तार कनाडा में बैठे वांछित अपराधी चिराग और तिहाड़ जेल में बंद गोगी गैंग के रोहित राणा उर्फ रोहित मोई से जुड़े होने की बात कही जा रही है। अंकित बालियान हत्याकांड के लिए शूटरों का इंतजाम करने में भी पंपू की भूमिका संदिग्ध है। हालांकि, पुलिस अभी इन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। शामली में दो शूटरों के एनकाउंटर के बाद पुलिस अधिकारियों ने भी इस मामले में पंपू के नाम का उल्लेख किया था।
राकेश पंपू का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। 22 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखने वाला पंपू मूल रूप से पानीपत के सिवाह गांव का रहने वाला है। उसने इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, लेकिन पढ़ाई के बाद वह गलत राह पर निकल गया। साल 2015 में अपने ही गांव के सरपंच के परिवार में हुए डबल मर्डर केस ने उसे अपराध जगत में पहचान दिलाई, जिसके बाद उसने अपनी अलग 'पंपू गैंग' खड़ी कर ली।
अपराध की दुनिया में तेजी से बढ़ता कद
साल 2016 में एक नेशनल कबड्डी खिलाड़ी की हत्या के मामले में नाम आने के बाद पंपू का नाम बड़े अपराधियों की सूची में शुमार हो गया। इसके बाद उसने अमरजीत गैंग के साथ मिलकर काम करना शुरू किया। इस दौरान कुक्की गैंग के साथ उसकी गैंगवार भी चर्चा में रही, जिसमें दोनों तरफ से कई लोगों की जानें गईं। राकेश पंपू पर हत्या, लूट, अपहरण और रंगदारी जैसे करीब 16 संगीन मामले दर्ज हैं। 2020 में जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर से फरार हो गया और अपराधों को अंजाम देने लगा।
अंकित बालियान की हत्या के पीछे की मुख्य वजह एक म्यूजिक वीडियो को माना जा रहा है। अंकित ने 'भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान' गाने में एक्टिंग की थी। गोगी गैंग को शक था कि यह गाना उनके सरगना जितेंद्र गोगी की हत्या का मजाक उड़ाता है और इसे टिल्लू ताजपुरिया गैंग के समर्थन में बनाया गया है। पुलिस का मानना है कि इसी रंजिश के चलते अंकित को निशाना बनाया गया, हालांकि अंकित का इस गाने के बोल या संगीत निर्माण से कोई सीधा संबंध नहीं था।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की राह
राकेश पंपू का नेटवर्क केवल पानीपत तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने सोनीपत, रोहतक और राजस्थान तक अपना जाल फैला रखा है। 2023 में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तारी से पहले उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि जेल में बंद होने के बावजूद पंपू किस तरह से बाहर शूटरों और गैंग के सदस्यों के संपर्क में था।
अंकित बालियान हत्याकांड में दो शूटरों के एनकाउंटर के बाद पुलिस अब इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए पंपू को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस का मानना है कि पंपू से पूछताछ के बाद ही इस हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों और साजिश के पीछे के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो पाएगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!