फिरोजाबाद: स्कूल में मासूम की आंख में घोंपी पेंसिल, शिक्षिका और प्रबंधन पर गंभीर आरोप
Firozabad Mother Pride International School teacher accused of pencil injury to student. फिरोजाबाद के मदर प्राइड इंटरनेशनल स्कूल में दो छात्रों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। एक चार वर्षीय छात्र की आंख में पेंसिल घोंपने और दूसरे छात्र की पिटाई के आरोप लगे हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के मदर प्राइड इंटरनेशनल स्कूल में दो सगे भाइयों के साथ शिक्षिकाओं द्वारा अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार का दावा है कि स्कूल में पढ़ाई के दौरान एक शिक्षिका ने चार वर्षीय मासूम की आंख में पेंसिल घोंप दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
क्या है पूरा मामला?
घटना 6 जुलाई की है। पीड़ित छात्र के पिता मनोज कुमार ने बताया कि उनका छोटा बेटा अनमोल स्कूल में एलकेजी का छात्र है। आरोप है कि शिक्षिका काजल ने गुस्से में आकर अनमोल की आंख में पेंसिल मार दी, जिससे उसकी आंख से खून बहने लगा। इसके बाद 10 जुलाई को उसे दिल्ली के एम्स ले जाया गया, जहां 12 जुलाई को उसकी आंख का ऑपरेशन करना पड़ा। परिवार का कहना है कि स्कूल प्रशासन ने इस घटना की जानकारी उन्हें नहीं दी थी।
इतना ही नहीं, 14 जुलाई को परिवार को पता चला कि उनके बड़े बेटे आर्यन, जो उसी स्कूल में चौथी कक्षा का छात्र है, के साथ भी मारपीट की गई है। आरोप है कि शिक्षिका योगेंद्री ने आर्यन को बुरी तरह पीटा, जिससे उसके कान से खून निकलने लगा। इस पूरे मामले में स्कूल के मैनेजर विश्वनाथ शर्मा की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
सीसीटीवी फुटेज गायब करने का आरोप
जब पीड़ित माता-पिता स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगने पहुंचे, तो उन्हें निराशा हाथ लगी। पिता का आरोप है कि जब उन्होंने घटना की सच्चाई जानने के लिए सीसीटीवी फुटेज की मांग की, तो स्कूल प्रबंधन ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि फुटेज डिलीट हो चुकी है। विरोध करने पर स्कूल निदेशक ने कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़ित मां बबली ने बताया कि बच्चे घर आने के बाद ही पूरी आपबीती सुना सके। स्कूल की ओर से कोई सूचना न मिलने के कारण उन्हें काफी देर से घटना की जानकारी हुई। परिवार ने पहले स्थानीय चौकी और फिर थाने के चक्कर काटे, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
लगातार चक्कर काटने के बाद 25 जुलाई को पीड़ित पिता ने एसएसपी से शिकायत की। इसके बाद 26 जुलाई को स्कूल निदेशक, मैनेजर विश्वनाथ शर्मा और आरोपी शिक्षिकाओं काजल व योगेंद्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। शुक्रवार को एसडीएम अंकित वर्मा ने स्कूल पहुंचकर मामले की जांच की।
सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। दोनों बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट मंगाई गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस घटना ने निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों के व्यवहार पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, इलाके में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है और अभिभावक स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
