फतेहाबाद: 17 दिनों की हड़ताल के बाद आधी रात को प्रशासन का बड़ा एक्शन, कचरा उठाने के दौरान हंगामा
फतेहाबाद में पिछले 17 दिनों से जारी नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच रविवार आधी रात को जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया। शहर में लगे कचरे के ढेरों से आम जनता को राहत दिलाने के लिए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सभी मुख्य डंपिंग साइट्स से कचरा उठाने का काम शुरू करवा दिया गया।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

हरियाणा के फतेहाबाद में पिछले 17 दिनों से चल रही नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की स्थिति बदतर हो गई थी। रविवार की आधी रात को जिला प्रशासन ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए शहर के मुख्य डंपिंग साइट्स से कचरा हटाने का अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि सफाई कार्य में कोई बाधा न आए।
आधी रात को पुलिस और प्रशासन का कड़ा पहरा
रविवार शाम से ही प्रशासन ने इस अभियान की तैयारी शुरू कर दी थी। पुलिस लाइन में जेसीबी, लोडर और अन्य आवश्यक संसाधनों को जुटाया गया। रात करीब एक बजे प्रशासन ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत कर्मचारियों का ध्यान भटकाया और सवा एक बजे पुलिस बल के साथ गाड़ियां भूना रोड स्थित मुख्य डंपिंग पॉइंट पर पहुंच गईं। इस ऑपरेशन का नेतृत्व जिला नगर आयुक्त प्रवीण कुमार, डीएसपी संजय बिश्नोई और ड्यूटी मजिस्ट्रेट सतपाल रोहज ने संयुक्त रूप से किया।
मौके पर मौजूद करीब 400 पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला। इस दौरान वहां पहरा दे रहे सफाई कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने कचरा उठाने वाली मशीनों को घेर लिया और उन पर चढ़कर नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाई और 50 से अधिक कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।
विरोध का अनोखा तरीका और हिरासत
पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक दिलचस्प दृश्य तब देखने को मिला जब कुछ सफाई कर्मचारी कचरा पॉइंट के पास खड़े होकर राष्ट्रगान गाने लगे। पुलिस ने सफाई अभियान को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए उन्हें भी हिरासत में ले लिया और बसों के जरिए नजदीकी थानों में भेज दिया। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने भी मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारी महिलाओं को वहां से हटाया।
जिला नगर आयुक्त प्रवीण कुमार ने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों की 14 में से 13 मांगों को पहले ही मान लिया था। केवल कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर कानूनी अड़चनें थीं, जिस पर सरकार ने आश्वासन दिया था। इसके बावजूद हड़ताल जारी रहने से शहर में कचरे के ढेर लग गए थे, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही थी।
आगे की स्थिति और जनजीवन पर असर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस सफाई अभियान के लिए सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लिया जा रहा है ताकि शहर को जल्द से जल्द कचरा मुक्त किया जा सके। सोमवार से शहर में नियमित सफाई व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है। हालांकि, प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद भी कुछ कर्मचारी नेता धरना स्थल पर डटे हुए हैं।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे सोमवार को बैठक कर अपने अगले कदम और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा करेंगे। वहीं, आधी रात को हुए इस घटनाक्रम और कचरा उठने की शुरुआत से स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पिछले दो सप्ताह से शहर की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!