फतेहाबाद: मोमोज बनाते समय बंदर का जानलेवा हमला, कान का हिस्सा कटा, लगे 15 टांके
हरियाणा के फतेहाबाद में घर की छत पर मोमोज बना रहे एक व्यक्ति पर बंदरों ने हमला कर दिया। एक बंदर ने उसके मुंह पर झपट्टा मारकर कान काट दिया।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

छत पर मोमोज बनाते समय हुआ हादसा
हरियाणा के फतेहाबाद में बंदरों के आतंक का एक खौफनाक मामला सामने आया है। शहर के वार्ड नंबर 3 में रहने वाले विनोद सोनी पर उस समय बंदरों ने हमला कर दिया जब वह अपने घर की छत पर मोमोज बनाने की तैयारी कर रहे थे। अचानक हुए इस हमले में बंदर ने विनोद के कान पर झपट्टा मारा और उसे बुरी तरह काट लिया, जिससे कान का एक हिस्सा कटकर नीचे गिर गया।
घटना के समय विनोद अपने काम में व्यस्त थे और उन्हें बंदर के आने की भनक तक नहीं लगी। पास की छत पर रखी पानी की टंकी में कुछ बंदर मौजूद थे, जिनमें से एक ने अचानक विनोद पर हमला कर दिया। विनोद ने अपनी जान बचाने के लिए पास रखे बर्तन बंदर की ओर फेंके, जिसके बाद बंदर वहां से भाग गया, लेकिन तब तक विनोद गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में हुआ उपचार
हमले के बाद विनोद के कान से काफी खून बहने लगा और वह दर्द से कराहने लगे। शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत फतेहाबाद के सिविल अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि कान का जो हिस्सा कटकर अलग हुआ है, उसे दोबारा नहीं जोड़ा जा सकता।
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की टीम ने विनोद के कान पर 15 टांके लगाए। काफी खून बहने के कारण विनोद की हालत नाजुक थी, लेकिन उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल वह घर पर आराम कर रहे हैं और डॉक्टरों ने उन्हें उचित दवाइयां लेने की सलाह दी है।
नगर परिषद की कार्रवाई और स्थानीय चिंता
इस घटना के बाद इलाके में बंदरों को लेकर दहशत का माहौल है। वार्ड नंबर 3 के पार्षद सुरेंद्र डीगवाल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद नगर परिषद की टीम ने वार्ड में पहुंचकर बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया और कुछ बंदरों को काबू किया गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में बंदरों का झुंड अक्सर लोगों को निशाना बनाता है। छत पर काम करना या बच्चों का बाहर निकलना भी असुरक्षित हो गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
विनोद सोनी का मामला कोई पहला नहीं है, लेकिन कान कटने जैसी गंभीर चोट ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पीड़ित परिवार इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है और नगर परिषद की टीम से लगातार निगरानी की मांग की जा रही है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!