फतेहाबाद: 8 साल पुराने हेरोइन तस्करी मामले में दोषी को 2 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना
फतेहाबाद में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत यादव की कोर्ट ने नशीले पदार्थ (NDPS एक्ट) से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गुरुनानकपुरा फतेहाबाद निवासी आरोपी दलबीर सिंह को दोषी ठहराते हुए दो साल की कैद और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

हरियाणा के फतेहाबाद जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे एक पुराने मामले में स्थानीय अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत यादव की अदालत ने हेरोइन तस्करी के दोषी दलबीर सिंह को दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी फतेहाबाद के गुरुनानकपुरा का निवासी है और लंबे समय से इस कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहा था।
जुर्माना न भरने पर बढ़ेगी सजा
अदालत ने सजा के साथ-साथ आरोपी पर 20 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। न्यायाधीश ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि दोषी व्यक्ति जुर्माने की राशि जमा करने में विफल रहता है, तो उसे दो महीने की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। यह फैसला एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में सख्ती का संदेश देता है।
मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो यह घटना 28 जुलाई 2018 की है। उस समय फतेहाबाद शहर पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दलबीर सिंह को पकड़ा था। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 30 ग्राम हेरोइन बरामद की थी, जिसके बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(b) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अभियोजन पक्ष की मजबूत दलीलें
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत पेश किए। जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल के अनुसार, इस केस की पैरवी हरवीर सिंह मलिक ने की। अभियोजन ने मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ-साथ पुलिस गवाहों के बयानों को भी अदालत के समक्ष रखा, जिन्हें अदालत ने विश्वसनीय माना और आरोपी को दोषी करार दिया।
पुलिस द्वारा की गई बरामदगी और मामले की जांच प्रक्रिया को अदालत में सही ढंग से सिद्ध किया गया। आरोपी के पास से मिली हेरोइन की मात्रा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए अदालत ने सजा का यह निर्णय सुनाया है।
नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त रुख
फतेहाबाद में नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार सक्रिय है। इस तरह के फैसलों से क्षेत्र में नशा तस्करों के बीच डर पैदा होने की उम्मीद है। अदालत का यह निर्णय न केवल कानून की पालना सुनिश्चित करता है, बल्कि समाज में नशीले पदार्थों के बढ़ते चलन पर लगाम लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आरोपी दलबीर सिंह को सजा सुनाए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अदालत के इस फैसले ने करीब 8 साल से लंबित इस मामले का पटाक्षेप कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी के मामलों में वे आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रखेंगे ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके।

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मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!