मध्य प्रदेश के 4 प्रमुख शहरों में खुलेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट, युवाओं के भविष्य को लेकर सीएम का बड़ा ऐलान
MP CM Mohan Yadav fast track courts setup Bhopal Indore Gwalior Jabalpur medical education expansion. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या 34 है, जो दो वर्ष में बढ़कर 52 हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के हित में उनकी शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के युवाओं के हितों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्रदेश के चार बड़े महानगरों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा। इन अदालतों का मुख्य उद्देश्य युवाओं की शिक्षा और रोजगार से संबंधित कानूनी मामलों का त्वरित निपटारा करना होगा।
युवाओं के लिए त्वरित न्याय की व्यवस्था
पन्ना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं के भविष्य को लेकर की गई घोषणा के अनुरूप राज्य में यह व्यवस्था लागू की जा रही है। वर्तमान में पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होने के कारण न्याय प्रक्रिया में लंबा समय लग जाता है, जिससे छात्रों का भविष्य अधर में लटक जाता है। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से इन मामलों में दोषियों को जल्द सजा सुनिश्चित की जा सकेगी।
देश में फास्ट ट्रैक कोर्ट की अवधारणा वर्ष 2000 में 11वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद शुरू हुई थी। आंकड़ों के अनुसार, रेप और पॉक्सो जैसे संवेदनशील मामलों में इन अदालतों ने 2019 से 2025 के बीच 3 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया है, जिसमें सफलता दर 96 प्रतिशत से अधिक रही है। इसी तर्ज पर अब शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
चिकित्सा शिक्षा का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने राज्य में चिकित्सा शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2002-03 में राज्य में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 34 हो गई है। आने वाले दो वर्षों के भीतर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 52 तक पहुंच जाएगी और एमबीबीएस सीटों की संख्या 5,500 से बढ़कर 10,000 हो जाएगी। पन्ना में बन रहे नए मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण अगले वर्ष किया जाएगा।
राज्य सरकार ने बुंदेलखंड के विकास के लिए केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर भी जोर दिया है। लगभग एक लाख करोड़ रुपये की इस परियोजना में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा और किसी भी किसान को अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा पर जोर
पन्ना के विकास कार्यों के तहत मुख्यमंत्री ने बृहस्पति कुंड पर 8 करोड़ रुपये की लागत से बने ग्लास फ्लोर व्यू प्वाइंट का लोकार्पण किया। इसके अलावा, उन्होंने 184 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया। कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 35 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में 210 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की गई।
यह पहल न केवल राज्य के युवाओं के लिए कानूनी सुरक्षा का कवच साबित होगी, बल्कि बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव लाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मामलों में किसी भी प्रकार की देरी न हो और आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
