फर्रुखाबाद: कुएं में गिरी 5 साल की मासूम सुरक्षित घर लौटी, 115 साल पुराने कुएं को हमेशा के लिए किया गया बंद
इस घटना के बाद, ग्रामीणों और ग्राम प्रधान ने 115 साल पुराने कुएं को पूरी तरह बंद करा दिया है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। यह घटना गुरुवार दोपहर कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के जहानपुर गांव में हुई।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

कुएं में गिरी बच्ची स्वस्थ, अस्पताल से मिली छुट्टी
फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना के बाद राहत की खबर सामने आई है। जहानपुर गांव में 50 फीट गहरे कुएं में गिरी पांच वर्षीय बच्ची सौम्या अब पूरी तरह स्वस्थ है। शुक्रवार को लोहिया अस्पताल से उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई, जिसके बाद वह अपने परिजनों के साथ सुरक्षित घर लौट आई है। अस्पताल के सीएमएस ने भी बच्ची के स्वास्थ्य की स्थिति का जायजा लिया था।
यह घटना गुरुवार दोपहर उस समय हुई जब सौम्या अपनी बड़ी बहन अनन्या के साथ स्कूल से घर लौट रही थी। रास्ते में राजू दीक्षित के घर के पास स्थित एक पुराने कुएं की पटिया अचानक टूट गई, जिससे बच्ची सीधे गहरे कुएं के अंदर जा गिरी। इस हादसे ने पूरे गांव में हड़कंप मचा दिया था।
साहस और तत्परता से बची जान
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय निवासियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। शेखर दीक्षित, मोहित दीक्षित और आदेश कुमार ने बच्ची को बचाने के लिए तत्काल प्रयास किए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कायमगंज कोतवाली के सिपाही मनोज चौधरी ने साहस का परिचय देते हुए ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ कुएं में प्रवेश किया। उनकी सूझबूझ और तत्परता के कारण बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
बच्ची को बाहर निकालने के तुरंत बाद उसे एंबुलेंस के जरिए लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसका उपचार किया। समय पर इलाज मिलने के कारण बच्ची की जान बच गई और वह खतरे से बाहर आ गई।
115 साल पुराने कुएं का इतिहास और सुरक्षा
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह कुआं करीब 115 साल पुराना था, जिसे राजू दीक्षित के दादा गंगाराम दीक्षित ने बनवाया था। लगभग एक दशक पहले जब कुएं का पानी सूख गया, तो इसे सुरक्षा के लिहाज से पटिया से ढक दिया गया था। हालांकि, गांव में शादी-ब्याह की रस्मों और कुआं-पूजन के लिए इसे पूरी तरह बंद नहीं किया गया था, जो अंततः इस हादसे का कारण बना।
इस घटना के बाद गांव में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गईं। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने तत्काल बैठक कर इस पुराने ढांचे को स्थायी रूप से खत्म करने का निर्णय लिया।
भविष्य के लिए सबक
ग्राम प्रधान पति सुनील कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की सहमति के बाद कुएं के ऊपर मोटा लेंटर डलवाकर उसे पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को जड़ से खत्म करना है।
यह घटना पुराने और जर्जर हो चुके सार्वजनिक ढांचों के प्रति बरती जाने वाली लापरवाही पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। प्रशासन ने भी ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने आसपास के ऐसे पुराने और असुरक्षित स्थानों की पहचान करें ताकि समय रहते उन्हें सुरक्षित किया जा सके और किसी मासूम की जान जोखिम में न पड़े।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!