फर्रुखाबाद: 40 साल पुराने जमीन विवाद से तंग आकर पेड़ पर चढ़ा किसान, प्रशासन के आश्वासन पर उतरा नीचे
Kaimganj farmer attempts suicide over land grabbing dispute, SDM provides assurance. कायमगंज तहसील परिसर में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक किसान अपनी दादी की जमीन पर पड़ोसी द्वारा धोखाधड़ी से कब्जा करने के विरोध में पीपल के पेड़ पर चढ़ गया। किसान ने आत्महत्या का प्रयास किया, जिससे तहसील कर्मचारियों और वकीलों में अफरा-तफरी मच गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

तहसील परिसर में मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले की कायमगंज तहसील में बुधवार की सुबह एक नाटकीय और तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। यहां जमीन विवाद से परेशान एक किसान ने आत्महत्या की धमकी देते हुए तहसील परिसर में स्थित एक ऊंचे पीपल के पेड़ पर चढ़ाई कर दी। इस घटना से परिसर में मौजूद कर्मचारियों, वकीलों और आम लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
किसान के पेड़ पर चढ़ने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोग किसान को नीचे उतरने के लिए मनाने की कोशिश करने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया।
चार दशक से चल रहा है कानूनी संघर्ष
पीड़ित किसान इंद्रपाल ने बताया कि यह विवाद करीब 40 साल पुराना है। मामला कम्पिल थाना क्षेत्र के सिवारा खास गांव का है, जहां उनकी दादी रेवती के नाम पर 7.5 बीघा जमीन दर्ज थी। इंद्रपाल का आरोप है कि उनकी दादी के निधन के बाद गांव के ही कल्याण नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर जालसाजी का सहारा लेकर उस जमीन को अपने नाम विरासत के रूप में दर्ज करवा लिया।
इंद्रपाल के अनुसार, इस जमीन को वापस पाने के लिए उनके पिता लड़ैते ने वर्षों तक तहसील से लेकर कमिश्नरी तक कानूनी लड़ाई लड़ी, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल सका। इस लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान उनके पिता और पैरवी कर रहे बड़े भाई वीरपाल का भी निधन हो गया, जिससे परिवार पूरी तरह टूट गया।
धमकियों से मानसिक तनाव में था परिवार
इंद्रपाल के भाई शेर सिंह ने बताया कि आरोपी पक्ष अब उनके पिता के हिस्से की बची हुई जमीन पर भी कब्जा करने की धमकी दे रहा है। लगातार मिल रही धमकियों और न्याय न मिलने की हताशा के कारण इंद्रपाल काफी समय से गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब कोई रास्ता नहीं सूझा, तो इंद्रपाल ने यह कदम उठाया।
घटनास्थल पर पहुंचे उपजिलाधिकारी (SDM) अभिषेक वर्मा और तहसीलदार मनीष कुमार ने किसान से संवाद स्थापित किया। अधिकारियों ने इंद्रपाल को भरोसा दिलाया कि उनके मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि जालसाजी के प्रमाण मिलते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
प्रशासनिक अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद इंद्रपाल पेड़ से नीचे उतरने को तैयार हुए। एसडीएम अभिषेक वर्मा ने बताया कि किसान ने इससे पहले उनके समक्ष इस मामले की कोई औपचारिक शिकायत नहीं की थी। उन्होंने कहा कि अब इस पूरे प्रकरण की फाइल मंगवाई जाएगी और राजस्व रिकॉर्ड की गहन जांच की जाएगी ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके।
फिलहाल, किसान के सुरक्षित नीचे उतरने के बाद तहसील परिसर में स्थिति सामान्य हो गई है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर पुराने जमीन विवादों के निपटारे में हो रही देरी और आम आदमी की प्रशासनिक व्यवस्था से बढ़ती हताशा को उजागर कर दिया है। क्षेत्र के लोग अब इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
