फरीदाबाद: सीवर लाइन खुदाई के दौरान बड़ा हादसा, करंट लगने से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत
फरीदाबाद शहर के सेक्टर-14 मे सीवर लाइन पाइप को जोड़ने के लिए गड्ढा खोदते समय एक हादसा हो गया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सेक्टर-14 में खुदाई के दौरान हुआ हादसा
फरीदाबाद के सेक्टर-14 में सीवर लाइन जोड़ने के लिए गड्ढा खोदते समय एक भीषण हादसा हो गया। कोठी नंबर-692 के बाहर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान दो मजदूरों की करंट लगने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मृतकों की पहचान 55 वर्षीय मनीष और शहंशाह के रूप में हुई है। ये दोनों मजदूर मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और फरीदाबाद के सेक्टर-3 व सेक्टर-2 में निवास कर रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान नागरिक अस्पताल भेजा।
जमीन के नीचे दबी बिजली लाइन बनी काल
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि कोठी के बाहर सीवर पाइप बिछाने के लिए खुदाई का काम किया जा रहा था। खुदाई के दौरान जमीन के अंदर से गुजर रही बिजली की लाइन से मजदूरों का संपर्क हो गया। करंट का झटका इतना जोरदार था कि दोनों मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उनकी मौके पर ही जान चली गई।
हादसे के वक्त वहां मौजूद अन्य मजदूरों, राम रहीसा, सूरज और रतीराम ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मकान मालिक सुशील को पहले से ही जमीन के नीचे से गुजर रही बिजली की लाइन के बारे में जानकारी थी, लेकिन काम शुरू करने से पहले मजदूरों को इस खतरे के बारे में कोई चेतावनी नहीं दी गई।
मकान मालिक पर दर्ज हुआ मामला
मजदूरों के साथियों का मानना है कि यदि मकान मालिक ने समय रहते सावधानी बरती होती या मजदूरों को बिजली लाइन की जानकारी दी होती, तो इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था। लापरवाही के चलते दो परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य खो दिए हैं।
सेंट्रल थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मकान मालिक सुशील के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस घटना ने निर्माण कार्यों में बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिहायशी इलाकों में बिना उचित सर्वे और सुरक्षा उपकरणों के खुदाई करना जानलेवा साबित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन अब इस मामले की जांच कर रहा है कि क्या इस खुदाई के लिए उचित अनुमति ली गई थी या नहीं।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पीड़ित परिवारों को सूचित कर दिया गया है और पुलिस मामले के हर पहलू को खंगाल रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
