फरीदाबाद: राशन डिपो संचालक से 2 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप, विभागीय जांच शुरू
फरीदाबाद के एसजीएम नगर में राशन डिपो संचालक ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों पर 2 लाख रुपए मांगने के आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद विभाग ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

छापेमारी के बाद रिश्वत की मांग का गंभीर आरोप
फरीदाबाद के एसजीएम नगर में एक राशन डिपो संचालक ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डिपो संचालक का दावा है कि 30 अगस्त को उनके डिपो पर हुई छापेमारी के बाद मामले को रफा-दफा करने के नाम पर उनसे 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। पैसे देने से इनकार करने पर डिपो की चाबी छीनने और बाद में स्टॉक में कमी दिखाकर मामला दर्ज करने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता जतिन जैन के अनुसार, यह डिपो वर्ष 2018 से संचालित है। 30 अगस्त को विभाग की कर्मचारी हेमलता और उदय ने डिपो पर औचक निरीक्षण किया था। आरोप है कि निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड में राशन कम होने की बात कही गई और उसी शाम इंस्पेक्टर अखिल जैन ने फोन कर मामले को सुलझाने के एवज में 2 लाख रुपये की मांग की। जतिन का कहना है कि इस बातचीत के प्रमाण उनके पास मौजूद हैं।
रिश्वत न देने पर कार्रवाई का दावा
डिपो संचालक के भाई गौरव जैन ने बताया कि जब उन्होंने रिश्वत की मांग को ठुकरा दिया, तो इंस्पेक्टर ने डिपो की चाबी अपने कब्जे में ले ली। इसके बाद जब वे जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) कार्यालय पहुंचे, तो वहां भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। आरोप है कि वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने भी उन्हें मामले को रफा-दफा करने के लिए संबंधित अधिकारी से बात करने की सलाह दी।
घटनाक्रम के अनुसार, 1 सितंबर को डिपो संचालक को पुनः बुलाया गया। जतिन का आरोप है कि उनके पहुंचने से पहले ही डिपो का ताला खुला हुआ था। इसके बाद उन्हें जबरन एक निजी वाहन में बैठाकर थाने ले जाया गया और डिपो के स्टॉक में 320 कट्टे गेहूं और 104 किलो चीनी कम होने का मामला दर्ज करा दिया गया।
विभाग ने गठित की जांच कमेटी
इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री विंडो और डीसी कार्यालय में की गई है। शिकायतों के संज्ञान में आने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) कविता परिहार ने स्पष्ट किया है कि विभाग को शिकायत प्राप्त हुई है और फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
दूसरी ओर, आरोपी इंस्पेक्टर अखिल जैन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि डिपो संचालक के खिलाफ राशन स्टॉक में कमी पाए जाने का मामला पहले से दर्ज है और अब वे इस कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए विभाग के कर्मचारियों को झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राशन वितरण प्रणाली और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। डिपो संचालक द्वारा लगाए गए आरोपों और विभाग द्वारा दर्ज कराए गए मामले के बीच का यह टकराव अब जांच का विषय बन गया है। फिलहाल, विभागीय कमेटी की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि छापेमारी के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और रिश्वत की मांग का दावा कितना सच है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!