फरीदाबाद पुलिस का एक्शन: बेल जंपर बने 628 अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान, जमानतदारों पर भी कसेगा शिकंजा
Faridabad police launching RJSF pilot project to track absconding criminals and bail jumpers. फरीदाबाद पुलिस ने 628 आरोपियों की तलाश करने के लिए विशेष पायलट प्रोजेक्ट आरजेएसएफ (RJSF) शुरू किया है। इसके साथ ही उनके जमानतदारों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

फरीदाबाद पुलिस ने शहर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और फरार अपराधियों पर नकेल कसने के लिए एक विशेष पायलट प्रोजेक्ट 'आरजेएसएफ' (RJSF) की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन 628 आरोपियों को ढूंढना है, जो पिछले 10 वर्षों के दौरान गंभीर अपराधों में जमानत पर रिहा होने के बाद अपने पते से गायब हो गए हैं। पुलिस ने इन बेल जंपर्स की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया है।
दस साल के रिकॉर्ड का विश्लेषण
डीसीपी क्राइम राजेश कुमार मोहन के अनुसार, पुलिस ने पिछले एक दशक के गंभीर अपराधों का गहन विश्लेषण किया है। इस दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती और रंगदारी जैसे मामलों में शामिल 3,499 अपराधियों की सूची तैयार की गई। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि वे इन अपराधियों का भौतिक सत्यापन करें और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखें। पुलिस की टीमों ने जब घर-घर जाकर जांच की, तो बड़ी संख्या में आरोपी अपने दर्ज पते पर नहीं मिले।
सत्यापन प्रक्रिया के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 2,212 अपराधियों (करीब 63.22 प्रतिशत) का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। इनमें से 1,368 आरोपी अपने पते पर मौजूद मिले, जबकि 161 आरोपी अन्य जेलों में बंद पाए गए। दुखद रूप से, 55 अपराधियों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। पुलिस ने इस दौरान 35 आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट भी खोली है और 13 वांछित गंभीर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
जमानतदारों पर भी कानूनी कार्रवाई
जो 628 आरोपी अपने पते पर नहीं मिले, उन्हें अब पुलिस बेल जंपर घोषित करने की प्रक्रिया में जुटी है। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि आरोपी की अनुपस्थिति में अब उनके जमानतदारों की जिम्मेदारी तय की जा रही है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 491 के तहत अब तक तीन जमानतदारों के खिलाफ अदालत में आवेदन दायर किए जा चुके हैं। इसके अलावा, आठ अन्य जमानतदारों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई के लिए दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं।
यह अभियान केवल फरार आरोपियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आदतन अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखना भी है। पुलिस का मानना है कि जमानतदारों पर सख्त कार्रवाई से भविष्य में गंभीर अपराधों की पुनरावृत्ति को रोकने में मदद मिलेगी। अदालत के आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी।
भविष्य की रणनीति
फरीदाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर चलेगा। जो आरोपी कोर्ट की प्रक्रिया को दरकिनार कर फरार हुए हैं, उन्हें जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि जमानतदार अपने द्वारा जमानत दिए गए व्यक्ति की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस पहल से शहर में अपराध दर को कम करने और न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
