फरीदाबाद के फ्लैट में चल रहा था 15 करोड़ की कोकीन का काला कारोबार, तीन विदेशी गिरफ्तार
दिल्ली बॉर्डर से सटे फरीदाबाद के शिव दुर्गा विहार-लकड़पुर में चार मंजिला इमारत। बाहर से आम रिहायशी बिल्डिंग जैसी दिखने वाली इस इमारत में 10 फ्लैट हैं।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

दिल्ली बॉर्डर के पास चल रहा था ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क
फरीदाबाद के शिव दुर्गा विहार-लकड़पुर इलाके में एक चार मंजिला इमारत से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और स्थानीय क्राइम ब्रांच ने एक बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस इमारत के एक फ्लैट में छापेमारी के दौरान करीब 15 करोड़ रुपये मूल्य की कोकीन और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। यह इलाका दिल्ली की सीमा से सटा हुआ है, जिससे तस्करों को एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में ड्रग्स की सप्लाई करने में आसानी होती थी।
जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले तीन वर्षों से इस इमारत में रह रहे थे। हैरानी की बात यह है कि वे सामान्य बाजार दर से दोगुना किराया देकर यहां रह रहे थे ताकि किसी को उन पर शक न हो। पुलिस ने मौके से नाइजीरिया और कैमरून मूल के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो साल 2018 में भारत आए थे और लंबे समय से बिना वैध दस्तावेजों के यहां रह रहे थे।
स्कूटी से होती थी ड्रग्स की सप्लाई
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि आरोपी दिन के समय सामान्य जीवन व्यतीत करते थे, लेकिन अंधेरा होते ही वे सक्रिय हो जाते थे। ड्रग्स की सप्लाई के लिए वे दिल्ली नंबर की स्कूटी का इस्तेमाल करते थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इफियानी इमैनुएल, बेल जॉन और अमोस ओवी के रूप में हुई है। ये लोग ड्रग्स को बड़ी खेप में रखने के बजाय 1-2 ग्राम के छोटे पैकेटों में बांटते थे, ताकि पुलिस की नजरों से बच सकें।
छापेमारी के दौरान फ्लैट से 2.337 किलो कोकीन, 26 ग्राम एम्फेटामाइन और 1.378 किलो संदिग्ध पाउडर बरामद हुआ। इसके अलावा, कमरे से इलेक्ट्रॉनिक तराजू और पैकिंग सामग्री भी मिली है, जो यह साबित करती है कि फ्लैट का उपयोग ड्रग्स को पैक करने और वितरण केंद्र के रूप में किया जा रहा था।
इमारत में रह रहे अन्य विदेशी नागरिकों की भी जांच
जिस इमारत में यह रैकेट चल रहा था, उसमें कुल 10 फ्लैट हैं और सभी में अफ्रीकी मूल के लोग किराए पर रह रहे थे। पुलिस ने छापेमारी के बाद अन्य फ्लैटों की भी तलाशी ली और वहां मिले 10 अन्य विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों को जब्त किया है। इन दस्तावेजों को सत्यापन के लिए फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) भेजा गया है। यदि किसी के दस्तावेज अवैध पाए जाते हैं, तो उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पुलिस अब इस मामले के मुख्य सूत्रधार की तलाश कर रही है, जो इस इमारत का मालिक बताया जा रहा है। आरोपी फिलहाल फरार है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रग्स की यह खेप कहां से आती थी और इसे किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जाता था।
जांच का दायरा बढ़ा
फिलहाल तीनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस उनके नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद के युवाओं को निशाना बना रहा था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस रैकेट के तार अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हैं।
स्थानीय पुलिस ने इस घटना के बाद इलाके में किराएदारों के सत्यापन को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। मकान मालिकों को चेतावनी दी गई है कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किसी भी विदेशी नागरिक को फ्लैट किराए पर न दें। इस मामले में आगे की कार्रवाई आरोपियों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर की जाएगी।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!