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फरीदाबाद: बीके अस्पताल में सर्जन को खुद उठानी पड़ी झाड़ू, ओटी की बदहाली का वीडियो वायरल

Faridabad BK Hospital surgeon cleans operation theatre after sweepers fail to arrive. फरीदाबाद जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल बीके (बादशाह खान) अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इसका एक ताजा मामला सामने आया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

2 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें 326
फरीदाबाद: बीके अस्पताल में सर्जन को खुद उठानी पड़ी झाड़ू, ओटी की बदहाली का वीडियो वायरल
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अस्पताल की लचर व्यवस्था पर उठे सवाल

हरियाणा के फरीदाबाद स्थित बादशाह खान (बीके) अस्पताल एक बार फिर अपनी लचर स्वास्थ्य सेवाओं और कुप्रबंधन के कारण चर्चा में है। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में उस समय एक अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली, जब हड्डी रोग विभाग के एक वरिष्ठ सर्जन को ऑपरेशन थिएटर (OT) की सफाई खुद करनी पड़ी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

घटना 30 जुलाई की है, जब हड्डी रोग विभाग के वरिष्ठ सर्जन डॉ. सतीश वर्मा अपने निर्धारित ऑपरेशनों के लिए ऑपरेशन थिएटर में पहुंचे। डॉ. वर्मा पिछले पांच वर्षों से इस अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उस दिन उन्हें कुल चार सर्जरी करनी थी, लेकिन ओटी में प्रवेश करते ही उन्हें वहां भारी गंदगी दिखाई दी। ऑपरेशन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले स्वच्छता अनिवार्य होती है, लेकिन वहां सफाई के लिए कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था।

30 मिनट तक चला इंतजार, अंत में खुद संभाली कमान

डॉ. सतीश वर्मा ने बताया कि उन्होंने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए करीब 30 मिनट तक संबंधित कर्मचारियों का इंतजार किया। इस दौरान उन्होंने ओटी के बाहर और भीतर स्थिति का जायजा लिया, लेकिन कोई भी सफाई कर्मी वहां नहीं पहुंचा। अस्पताल में करीब 70 सफाई कर्मचारी तैनात हैं, बावजूद इसके ओटी जैसे संवेदनशील स्थान पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई थी। जब काफी देर तक कोई नहीं आया, तो डॉक्टर ने खुद ही झाड़ू और वाइपर उठाया और ओटी की सफाई शुरू कर दी।

डॉक्टर के अनुसार, उस दिन ओटी के लिए नियुक्त सफाई कर्मचारी छुट्टी पर था। हालांकि, यह नर्सिंग स्टाफ की जिम्मेदारी बनती थी कि वे किसी अन्य कर्मचारी को वहां तैनात करते ताकि मरीजों के इलाज में बाधा न आए। अस्पताल की इस लापरवाही के कारण न केवल डॉक्टर का बहुमूल्य समय बर्बाद हुआ, बल्कि मरीजों को भी अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ा।

उच्च अधिकारियों ने मांगी रिपोर्ट

ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टर द्वारा सफाई करने का वीडियो वायरल होने के बाद मामला स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया है। पंचकूला स्थित स्वास्थ्य निदेशालय ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

बीके अस्पताल में रोजाना करीब 2500 मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं और कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आती रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अस्पताल में मैनपावर मैनेजमेंट और स्वच्छता के प्रोटोकॉल का पालन सही ढंग से नहीं हो रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर

सरकारी अस्पतालों में ओटी की स्वच्छता संक्रमण रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि डॉक्टर को ही सफाई का काम करना पड़े, तो इससे उनकी कार्यक्षमता और मरीजों की सुरक्षा दोनों पर प्रभाव पड़ता है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएं और ड्यूटी रोस्टर का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच जारी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी गई है, लेकिन वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब देखना यह होगा कि इस जांच के बाद अस्पताल की व्यवस्था में क्या सुधार किए जाते हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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