अजमेर में एप्पल के नाम पर नकली एसेसरीज का बड़ा खेल, पुलिस ने दो ठिकानों पर की छापेमारी
अजमेर में कॉपीराइट एक्ट के तहत मोबाइल कारोबार से जुड़ी दो दुकानों और ठिकानों पर पुलिस ने कार्रवाई की। क्लॉक टावर थाना क्षेत्र में गोदाम से एपल मोबाइल के 45 बॉक्स, 114 यूएसबी चार्जिंग केबल और एपल के स्टीकर जब्त किए गए।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

राजस्थान के अजमेर में एप्पल कंपनी के नाम पर नकली मोबाइल एसेसरीज बेचने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। स्थानीय पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट के तहत शहर के दो प्रमुख थाना क्षेत्रों में छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान भारी मात्रा में नकली पावर एडॉप्टर, चार्जिंग केबल, मोबाइल बॉक्स और कंपनी के लोगो वाले स्टीकर बरामद किए गए हैं।
दो अलग-अलग इलाकों में दबिश
पुलिस की यह कार्रवाई क्लॉक टावर और कोतवाली थाना क्षेत्रों में एक साथ की गई। एप्पल कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने इन ठिकानों को चिन्हित किया था। क्लॉक टावर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अरमान मोबाइल गली स्थित अग्रवाल धर्मशाला के एक गोदाम में पुलिस ने छापा मारा, जहां से बड़ी मात्रा में अवैध सामग्री जब्त की गई।
वहीं, कोतवाली थाना क्षेत्र के सुंदर विलास इलाके में स्थित भावेश मोबाइल शॉप पर भी पुलिस ने दबिश दी। दोनों ही स्थानों पर देर रात तक पुलिस की कार्रवाई चलती रही, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दोनों प्रतिष्ठानों के संचालकों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
भारी मात्रा में नकली सामान बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में एप्पल ब्रांड के नाम से तैयार किए गए नकली उत्पाद मिले। क्लॉक टावर क्षेत्र के गोदाम से पुलिस ने एप्पल मोबाइल के 45 बॉक्स, 114 यूएसबी चार्जिंग केबल और कंपनी के नाम वाले कई स्टीकर जब्त किए हैं। इस मामले में नीतेश केशवानी नाम के व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।
दूसरी ओर, कोतवाली क्षेत्र की दुकान से पुलिस ने 24 नकली पावर एडॉप्टर, 78 यूएसबी और सी2सी चार्जिंग केबल, 147 एप्पल मोबाइल बॉक्स और 532 सील स्टीकर बरामद किए हैं। यहां से पवन मंगतानी नाम के प्रोप्राइटर को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। जब्त किए गए सामान की बड़ी संख्या यह दर्शाती है कि यह कारोबार काफी समय से संगठित तरीके से चलाया जा रहा था।
धोखाधड़ी का तरीका और जांच
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एप्पल के खाली डिब्बों पर कंपनी के नकली स्टीकर लगाकर उन्हें असली बताकर ग्राहकों को बेचते थे। इसके अलावा, कम गुणवत्ता वाले पावर एडॉप्टर और केबल को भी एप्पल के ब्रांड नाम के साथ बाजार में खपाया जा रहा था। यह न केवल कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ग्राहकों के साथ भी बड़ा धोखा है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नकली माल कहां से सप्लाई किया जा रहा था और इसके पीछे कौन-कौन से लोग शामिल हैं। हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जब्त किए गए सामान को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के नकली उत्पादों से न केवल कंपनी की छवि खराब होती है, बल्कि उपभोक्ताओं के महंगे मोबाइल फोन को भी नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शहर के अन्य मोबाइल विक्रेताओं को भी चेतावनी दी है कि वे किसी भी प्रकार के नकली उत्पाद न बेचें।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!