धौलपुर में मूसलाधार बारिश से बिगड़े हालात: रामसागर बांध लबालब, पार्वती बांध पर मंडराया खतरे का साया
धौलपुर जिले में पिछले 2 दिनों से हो रही तेज बारिश से जनजीवन पर असर पड़ा है। शहर की करीब 12 कॉलोनियों में पानी भर गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के धौलपुर जिले में पिछले 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण जिले के प्रमुख जलस्रोत और बांध अपनी पूर्ण भराव क्षमता के करीब पहुंच गए हैं। शहर के निचले इलाकों में स्थित करीब 12 कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रामसागर बांध ओवरफ्लो, पार्वती बांध पर प्रशासन की पैनी नजर
जिले के रामसागर बांध के पूरी तरह भर जाने के बाद अब पानी सड़क पर बहने लगा है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं, पार्वती बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार पानी की आवक बनी हुई है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पार्वती बांध का जलस्तर 222.71 मीटर तक पहुंच चुका है, जबकि इसकी अधिकतम भराव क्षमता 223.41 मीटर निर्धारित है। बांध के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन किसी भी समय पार्वती नदी में पानी छोड़ने का निर्णय ले सकता है।
संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। शनिवार को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पपेंद्र मीणा ने बताया कि बांध के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और जैसे ही जलस्तर 223 मीटर के निशान को छुएगा, नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया जाएगा।
सैंपऊ में सबसे ज्यादा बारिश, फसलों को नुकसान की आशंका
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में शुक्रवार और शनिवार की रात भारी वर्षा दर्ज की गई। सैंपऊ क्षेत्र में सबसे अधिक 107 मिलीमीटर बारिश हुई है। इसके अलावा तालाबशाही में 70 मिमी, अंगाई में 59 मिमी, बसेड़ी में 55 मिमी, बाड़ी में 53 मिमी, धौलपुर शहर में 43 मिमी और राजाखेड़ा में 36 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। जिले में अब तक औसत वर्षा का आंकड़ा 90 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
लगातार हो रही इस बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। खेतों में पानी जमा होने से खरीफ की फसलों को भारी नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है। कई क्षेत्रों में फसलें जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों को आर्थिक संकट का डर सता रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल निकासी की व्यवस्था जल्द नहीं हुई, तो खड़ी फसलें सड़ सकती हैं।
प्रशासन का अलर्ट और आमजन के लिए निर्देश
प्रशासन ने नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। जिला कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आपदा प्रबंधन के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते प्रशासन ने जलाशयों के जलस्तर की निरंतर मॉनिटरिंग के आदेश दिए हैं। आम जनता से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बांधों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!