धर्मशाला अग्निवीर भर्ती में सक्रिय ठग गिरोह का भंडाफोड़, हरियाणा के दो युवक गिरफ्तार
Dharamshala Agniveer rally recruitment fraud exposed by Army Intelligence inputs. धर्मशाला में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली के दौरान एक ठग गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सेना की खुफिया इकाई से मिली जानकारी के आधार पर धर्मशाला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

सेना की खुफिया इकाई के इनपुट पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आयोजित अग्निवीर भर्ती रैली के दौरान एक अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सेना की खुफिया इकाई (आर्मी इंटेलिजेंस) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले युवाओं को अपना शिकार बनाने की कोशिश कर रहे थे।
आरोपियों की पहचान हरियाणा के करनाल जिले के निवासी रमन और शुभम के रूप में हुई है। ये दोनों युवक भर्ती स्थल के आसपास घूमकर अभ्यर्थियों को अपने विजिटिंग कार्ड बांट रहे थे और सेना में नौकरी दिलाने का झांसा दे रहे थे। 9 कोर मुख्यालय की आर्मी इंटेलिजेंस यूनिट ने इन संदिग्ध गतिविधियों को भांप लिया और तुरंत धर्मशाला पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों को धर दबोचा।
असफल अभ्यर्थियों को बनाते थे निशाना
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मुख्य रूप से उन युवाओं को निशाना बनाता था जो फिजिकल या मेडिकल टेस्ट में असफल हो जाते थे। गिरोह के सदस्य अपनी ऊंची पहुंच का दावा कर युवाओं को विश्वास में लेते थे और उन्हें पास कराने के बदले मोटी रकम की मांग करते थे। इस तरह के प्रलोभन देकर वे सीधे-साधे युवाओं से ठगी को अंजाम देते थे।
इस गिरोह के तार हाल ही में पटियाला में सामने आए फर्जीवाड़े से भी जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पटियाला पुलिस ने भी कुछ समय पहले इसी तरह के एक गिरोह को पकड़ा था, जो हरियाणा नंबर की गाड़ियों का इस्तेमाल कर भर्ती केंद्रों के आसपास सक्रिय था। उस मामले में भी करनाल निवासी कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
सेना की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी
पुलिस और सेना के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से स्वचालित, पारदर्शी और योग्यता पर आधारित है। इसमें किसी भी बिचौलिए या बाहरी व्यक्ति की कोई भूमिका नहीं होती है। अधिकारियों ने युवाओं को चेतावनी दी है कि वे किसी भी ऐसे व्यक्ति के झांसे में न आएं जो पैसे लेकर भर्ती कराने का दावा करता हो।
प्रशासन ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति भर्ती के नाम पर पैसे मांगता है या संदिग्ध गतिविधियां करता है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या भर्ती कार्यालय को दी जानी चाहिए। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
फिलहाल, धर्मशाला पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है। इस कार्रवाई से भर्ती प्रक्रिया में सेंध लगाने की कोशिश करने वाले अन्य गिरोहों में भी हड़कंप मच गया है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
