ढाका में यूरिया तस्करी का बड़ा खुलासा: 550 बोरियों के साथ ट्रक जब्त, तस्कर फरार
ढाका में बुधवार को नेपाल सीमा की ओर ले जाए जा रहे 550 बोरी अवैध यूरिया से लदे एक ट्रक को जब्त किया गया। यह कार्रवाई ढाका बीएओ इंद्रजीत कुमार और थानाध्यक्ष राजरूप राय ने गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त रूप से की।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

नेपाल सीमा की ओर ले जाई जा रही थी खाद की खेप
मोतिहारी जिले के ढाका थाना क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन ने उर्वरक तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर ढाका-घोड़ासहन मार्ग पर बकर के पास एक ट्रक को रोका गया, जिसमें भारी मात्रा में अवैध यूरिया लदा हुआ था। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ट्रक की तलाशी ली, तो उसमें 550 बोरी यूरिया बरामद हुआ। इस कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक और खाद के कारोबारी मौके से फरार होने में सफल रहे।
यह संयुक्त कार्रवाई ढाका के बीएओ इंद्रजीत कुमार और थानाध्यक्ष राजरूप राय के नेतृत्व में की गई। बरामद की गई बोरियों पर 'भारत जन उर्वरक परियोजना, भारत यूरिया' अंकित है, जो तेलंगाना की कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा निर्मित बताई जा रही है। ट्रक के केबिन की तलाशी लेने पर अधिकारियों को उर्वरक से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिले, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि खाद की यह खेप अवैध रूप से नेपाल सीमा की ओर ले जाई जा रही थी।
वाहन मालिक की पहचान और जांच का दायरा
पुलिस द्वारा जब्त किए गए ट्रक का पंजीकरण नंबर BR 06G-9262 है। प्रारंभिक जांच में यह वाहन चिरैया थाना क्षेत्र के कमरचोली बाराजयराम निवासी पन्नालाल प्रसाद का बताया जा रहा है। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि खाद कहां से लोड की गई थी और इसका अंतिम गंतव्य स्थान क्या था। फरार चालक और मालिक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
जब्त की गई यूरिया की बोरियों को सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय पैक्स अध्यक्षों को सौंपा गया है। इसमें गुरहनवा पैक्स अध्यक्ष शिव कुमार और बलुआ गुआबारी पैक्स अध्यक्ष राजकिशोर जायसवाल को जिम्मेनामा पर उर्वरक की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक इसे सुरक्षित रखा जा सके।
सीमावर्ती इलाकों में तस्करी का नेटवर्क
ढाका का यह इलाका नेपाल की सीमा के करीब होने के कारण लंबे समय से उर्वरक तस्करी का केंद्र बना हुआ है। सीमा पार यूरिया की अधिक मांग और ऊंचे दाम के कारण तस्कर अक्सर इसे अवैध तरीके से नेपाल भेजने की कोशिश करते हैं। इससे पहले भी करीब 15 दिन पूर्व चांदमोहन बाजार में यूरिया की बड़ी खेप पकड़ी गई थी, जो इस क्षेत्र में सक्रिय तस्करों के संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
सिकरहना के एसडीम विजय कुमार ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रशासन अवैध उर्वरक की कालाबाजारी के खिलाफ पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रैकेट में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन न केवल इस खेप के स्रोत का पता लगा रहा है, बल्कि उन सभी लोगों की पहचान की जा रही है जो इस अवैध व्यापार में पर्दे के पीछे से जुड़े हुए हैं।
प्रशासन की आगे की रणनीति
एसडीम ने कहा कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। स्थानीय स्तर पर उर्वरक की किल्लत न हो और किसानों को समय पर खाद मिले, इसके लिए कालाबाजारियों पर नकेल कसना जरूरी है। पुलिस अब ट्रक के रूट और पिछले कुछ दिनों की गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है ताकि तस्करी के इस पूरे तंत्र को ध्वस्त किया जा सके। जल्द ही इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!