देवास में 'ऑपरेशन प्रहार' का असर: गांजा तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
देवास में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत भौंरासा पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी गोवर्धन उर्फ धन्ना लोधी और गांजे की डिलीवरी करने वाले हासिम व मजहर शामिल हैं।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

देवास में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत भौंरासा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गांजा तस्करी के एक सक्रिय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त गिरोहों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 18 अगस्त को प्राप्त एक गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। मुखबिर ने पुलिस को जानकारी दी थी कि लोधरी नदी की पुलिया के पास एक संदिग्ध व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ लेकर खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की और मौके से संजय नगर, भौंरासा निवासी 42 वर्षीय गोवर्धन उर्फ धन्ना लोधी को हिरासत में ले लिया।
मुख्य आरोपी से शुरू हुआ कड़ियों का खुलासा
तलाशी के दौरान गोवर्धन के पास से 347 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने तुरंत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया और बाद में न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पूछताछ के दौरान गोवर्धन ने तस्करी से जुड़े अपने सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।
गोवर्धन से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गांजे की डिलीवरी करने वाले दो अन्य आरोपियों, हासिम और मजहर को भी धर दबोचा। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि गोवर्धन इस पूरे तस्करी नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार था, जबकि हासिम और मजहर का काम गांजे की खेप को ग्राहकों तक सुरक्षित पहुंचाना था।
सप्लाई चेन और नेटवर्क की गहन जांच
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह खेप कहां से लाई जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार किन-किन इलाकों से जुड़े हैं और गांजा किन लोगों को सप्लाई किया जाता था।
इस पूरी कार्रवाई को एएसपी (शहर) गजेंद्र सिंह वर्धमान के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। सोनकच्छ एसडीओपी संजय सिंह बैस के निर्देशन और भौंरासा थाना प्रभारी निरीक्षक अनीता सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए इस गिरोह को पकड़ा। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
देवास पुलिस का 'ऑपरेशन प्रहार' लगातार जारी है, जिसका मुख्य लक्ष्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले माफियाओं को जड़ से खत्म करना है। स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समाज को नशा मुक्त बनाया जा सके।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से उनके अन्य संपर्कों के बारे में पूछताछ कर रही है। इस मामले में पुलिस की अगली रणनीति गांजे के मुख्य स्रोत तक पहुंचने की है, ताकि इस अवैध धंधे की पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त किया जा सके।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!