संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस सख्त, सोनम वांगचुक की पत्नी ने रखी अनशन खत्म करने की दो शर्तें
Delhi Cockroach Janata Party Parliament March protest news updates. दिल्ली पुलिस बोली- न आवेदन मिला, न परमिशन दी; पत्नी का दावा- सोनम अनशन तोड़ देंगे

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

संसद मार्च को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा सोमवार को प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च के मद्देनजर दिल्ली के जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। रविवार रात से ही बड़ी संख्या में समर्थक वहां जुटने लगे थे। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों से जंतर-मंतर पर डटे रहने का आह्वान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मार्च के लिए न तो कोई आवेदन प्राप्त हुआ है और न ही इसकी अनुमति दी गई है। पूरे इलाके में धारा 163 लागू है और पुलिस ने लोगों से किसी भी गैर-कानूनी जमावड़े में शामिल न होने की चेतावनी दी है।
सोनम वांगचुक, जो पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और वर्तमान में सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं, के इस मार्च में शामिल होने पर संशय बना हुआ है। उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि जे. आंगमो ने घोषणा की है कि वह मार्च में सोनम का प्रतिनिधित्व करेंगी। उन्होंने अस्पताल से सोनम का संदेश साझा करते हुए इसे 'आजादी का दूसरा आंदोलन' करार दिया है, जिसमें पेपर लीक और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही गई है।
अनशन खत्म करने के लिए रखीं दो शर्तें
डॉ. गीतांजलि ने जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त करने के लिए दो प्रमुख शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल पहुंचकर सोनम से मुलाकात करें और संसद के मानसून सत्र के दौरान शिक्षा में जवाबदेही और सुधार का मुद्दा उठाने का ठोस आश्वासन दें, तो वे अपना अनशन तोड़ देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शिक्षा प्रणाली में सुधार की गारंटी नहीं मिलती है, तो वांगचुक का संघर्ष जारी रहेगा।
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि वांगचुक को अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया मनमानी नहीं थी, बल्कि उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए यह आवश्यक कदम था। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर उनकी स्थिति पर निरंतर निगरानी रख रहे हैं और केवल उनकी सहमति से ही उपचार दिया जा रहा है।
राजनीतिक समर्थन और पुलिस की चेतावनी
प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज है। आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने मार्च का समर्थन करते हुए कहा कि वे भी जंतर-मंतर पहुंचेंगे। उन्होंने इसे किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के बच्चों के भविष्य का आंदोलन बताया है। वहीं, अभिनेता प्रकाश राज और शबाना आजमी जैसे कई प्रमुख हस्तियों ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक के प्रति एकजुटता दिखाई है। मुंबई के शिवाजी पार्क में भी शिवसेना (यूबीटी) द्वारा समर्थन में प्रदर्शन किए गए।
दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए चेतावनी दी है कि पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए जा रहे हैं और किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनधिकृत मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
कॉकरोच जनता पार्टी नीट पेपर लीक मामले के विरोध में 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। पार्टी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। सोनम वांगचुक 28 जून से इस आंदोलन से जुड़े थे। पार्टी का नाम तब चर्चा में आया था जब जस्टिस सूर्यकांत ने बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। वांगचुक को 18 जुलाई को पुलिस ने जंतर-मंतर से हिरासत में लिया था, जिसके बाद से वे अस्पताल में भर्ती हैं और वहां भी उनका अनशन जारी है।
सफदरजंग अस्पताल के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक के ब्लड सेल्स में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उनकी पत्नी ने अस्पताल प्रशासन पर स्वास्थ्य रिपोर्ट साझा न करने का आरोप भी लगाया है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को निर्धारित की गई है, जबकि सोमवार को होने वाला संसद मार्च अब प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच एक बड़ी चुनौती बन गया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
