दिल्ली मेट्रो में रील बनाने का नया ट्रेंड खतरनाक, DMRC ने दी सख्त चेतावनी
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सख्त एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा गया है कि ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मेट्रो की खिड़कियों पर फोन चिपकाकर रील बनाने पर रोक
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक खतरनाक ट्रेंड के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मेट्रो की चलती ट्रेनों की खिड़कियों पर सक्शन कप या टेप की मदद से मोबाइल चिपकाकर वीडियो शूट करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स पर प्रशासन ने नकेल कसने का फैसला किया है। डीएमआरसी ने स्पष्ट किया है कि ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ मेट्रो अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पिछले कुछ दिनों से इंस्टाग्राम पर एक नया 'रील्स चैलेंज' तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसमें क्रिएटर मेट्रो के रुकने पर उसके बाहरी या अंदरूनी शीशे पर अपना महंगा स्मार्टफोन चिपका देते हैं। जैसे ही मेट्रो स्टेशन से रवाना होती है, फोन वहीं चिपका रहता है और प्लेटफॉर्म तथा सुरंग का एक सिनेमाई शॉट रिकॉर्ड होता है। इस दौरान क्रिएटर प्लेटफॉर्म पर दौड़ते हुए या डांस करते हुए रील को फिल्माते हैं। यलो लाइन के कुछ स्टेशनों पर इस तरह के मामले सबसे अधिक देखे गए हैं।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा
डीएमआरसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इस तरह के स्टंट न केवल रील बनाने वाले की जान जोखिम में डालते हैं, बल्कि अन्य यात्रियों के लिए भी खतरा पैदा करते हैं। यदि चलती ट्रेन के झटके से फोन गिर जाता है, तो ट्रैक के पास खड़े किसी व्यक्ति को गंभीर चोट लग सकती है या मेट्रो के परिचालन उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है। कई मामलों में यात्रियों के कीमती फोन क्षतिग्रस्त होने की खबरें भी सामने आई हैं।
मेट्रो प्रशासन ने कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की है कि वे चंद सेकेंड की प्रसिद्धि के लिए सार्वजनिक परिवहन को 'स्टंट जोन' न बनाएं। मेट्रो का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा प्रदान करना है, न कि रील शूटिंग के लिए मंच उपलब्ध कराना। प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और इसे यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करार दिया है।
गुरुग्राम समेत सभी स्टेशनों पर निगरानी बढ़ाई गई
चूंकि अधिकांश वायरल वीडियो गुरुग्राम-बादली कॉरिडोर (यलो लाइन) के स्टेशनों पर शूट किए गए हैं, इसलिए यहां सुरक्षा और निगरानी को विशेष रूप से सख्त कर दिया गया है। इस रूट पर रोजाना लाखों कॉरपोरेट कर्मचारी और आम नागरिक सफर करते हैं। स्थानीय स्तर पर मेट्रो स्टेशनों के प्लेटफॉर्मों पर सीआईएसएफ और मेट्रो सुरक्षाकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
डीएमआरसी ने आम यात्रियों से भी सहयोग की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि यदि कोई यात्री किसी को ऐसी खतरनाक गतिविधि करते हुए देखता है, तो वह तुरंत कोच में लगे इंटरकॉम के जरिए ट्रेन ऑपरेटर या अगले स्टेशन पर तैनात सुरक्षा कर्मचारियों को सूचित करे। इससे मौके पर ही कार्रवाई करना संभव हो पाएगा।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
मेट्रो प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मेट्रो परिसर या ट्रेन के भीतर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी व्यक्ति इस तरह के स्टंट करते हुए पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ मेट्रो अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी उन सभी कंटेंट क्रिएटर्स के लिए है जो अपनी वीडियो के लिए सार्वजनिक सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो को लेकर आम जनता ने भी चिंता जताई है। यात्रियों का कहना है कि मेट्रो में सफर के दौरान इस तरह की हरकतें न केवल असुविधा पैदा करती हैं, बल्कि किसी अनहोनी का कारण भी बन सकती हैं। डीएमआरसी की इस सख्ती के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि मेट्रो परिसर में रील बनाने के ऐसे खतरनाक ट्रेंड पर रोक लगेगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!