दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में 650 करोड़ का कथित घोटाला: AAP ने सीएम और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की
Delhi AAP leader Sanjay Singh alleges Rs 650 crore scam in health department. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह के इस्तीफे की मांग की।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दिल्ली की राजनीति में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक बड़े कथित घोटाले ने हलचल मचा दी है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर 650 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह के इस्तीफे की मांग की है।
दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में धांधली का आरोप
पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान संजय सिंह ने विस्तार से उन बिंदुओं को रखा, जहां कथित तौर पर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दवा खरीद, ओआरएस पैकेट, पोर्टेबल एक्स-रे मशीन और अस्पतालों के लिए बेडशीट की खरीद में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं। उनके अनुसार, बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमतों पर इन वस्तुओं की खरीद की गई, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।
संजय सिंह ने विशेष रूप से बेडशीट और दवाओं की खरीद पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि 15 हजार अस्पताल बेड के लिए 16 लाख से अधिक बेडशीट खरीदी गईं, जो जरूरत से कहीं ज्यादा थीं। इसके अलावा, लगभग 400 करोड़ रुपए की दवाएं सीधे स्थानीय केमिस्टों से खरीदी गईं, जिससे सरकारी खरीद प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन हुआ और खजाने को चूना लगाया गया।
एक्स-रे मशीनों के टेंडर पर उठे सवाल
स्वास्थ्य विभाग में हुई एक्स-रे मशीनों की खरीद को लेकर भी सांसद ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कम मशीनों के लिए टेंडर जारी किया गया था, लेकिन बाद में बिना किसी स्पष्ट कारण के मशीनों की संख्या बढ़ा दी गई। उन्होंने दावा किया कि इन मशीनों को भी बाजार दर से काफी अधिक कीमतों पर खरीदा गया, जिससे इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवालिया निशान लग गए हैं।
संजय सिंह ने इन आरोपों की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित मंत्रियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के पैसे का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान संजय सिंह ने केंद्रीय जांच एजेंसियों, विशेषकर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) की कार्यप्रणाली पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ मामले दर्ज किए जाते थे, तब ये एजेंसियां बहुत सक्रिय रहती थीं। हालांकि, अब इतने बड़े कथित घोटाले के सामने आने के बाद भी इन एजेंसियों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
सांसद ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय एजेंसियां इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और निष्पक्ष जांच शुरू करें ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
अंत में, आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपनाने का संकेत दिया है। पार्टी ने घोषणा की है कि वे इस कथित घोटाले को लेकर जनता के बीच जाएंगे और सरकार से जवाबदेही तय करने के लिए दबाव बनाएंगे। आने वाले दिनों में यह मुद्दा दिल्ली की राजनीति में और गरमाने की संभावना है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
