नीट पेपर लीक प्रदर्शन: दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस होंगे
Delhi Government statement on CJP protest police FIRs and action against criminal records. दिल्ली पुलिस ने छात्र आंदोलन हिंसा और झड़प में 13 एफआईआर दर्ज की हैं। हालांकि, सरकार ने यह साफ कर दिया है कि जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नीट (यूजी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले 36 दिनों से जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के संबंध में दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को वापस लिया जाएगा। हालांकि, यह राहत केवल उन लोगों के लिए है जिनका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
13 एफआईआर और सरकार का रुख
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 29 जुलाई की शाम तक इस आंदोलन से जुड़ी कुल 13 एफआईआर दर्ज की गई थीं। सरकार के हालिया आदेश के बाद, उन प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जिन्हें हिरासत में लिया गया था। प्रशासन ने संकेत दिया है कि इस मामले को अब समाप्त माना जाएगा और भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई नई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यक्तियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है, उनके खिलाफ कानून अपना काम करेगा और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FCR) के जरिए की गई है।
संसद मार्च के दौरान हुई थी हिंसा
20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए मार्च के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़कर कर्तव्य पथ और विजय चौक की ओर बढ़ने की कोशिश की थी, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे। इस दौरान पथराव की घटनाएं भी सामने आई थीं।
पुलिस के दावों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की जांच में 2,873 लोगों का सत्यापन किया गया, जिनमें से 989 लोगों पर हत्या, डकैती, लूट, रेप और पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज पाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए वे स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
अन्य राज्यों में भी केस वापसी की घोषणा
नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के बाद अब तक चार राज्य सरकारें छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की घोषणा कर चुकी हैं। दिल्ली के अलावा असम, बिहार और महाराष्ट्र ने भी अपने यहां दर्ज एफआईआर को वापस लेने का निर्णय लिया है। बिहार पुलिस ने 26 जुलाई तक दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली सरकार को निर्देश दिए हैं कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए लोगों का उचित इलाज सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, कोर्ट ने केंद्र सरकार से जंतर-मंतर पर तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों और गोला-बारूद का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
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