दिल्ली की सड़कों पर दौड़ीं 50 नई इलेक्ट्रिक बसें, तेहखंड में मिला अत्याधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने डीटीसी के तेहखंड डिपो में स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र (एटीएस) का उद्घाटन किया। साथ ही हसनपुर और गाजीपुर डिपो में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू किए और 50 नई शून्य-उत्सर्जन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन में बड़ा विस्तार
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के तेहखंड डिपो में एक अत्याधुनिक स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र (एटीएस) का औपचारिक उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 50 नई शून्य-उत्सर्जन वाली इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो दिल्ली की सड़कों पर प्रदूषण कम करने में सहायक होंगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य परिवहन व्यवस्था में स्थायी समाधान लाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली की परिवहन प्रणाली को भविष्य के अनुकूल बनाने के लिए सुरक्षा, निरंतरता और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नई इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों और पैनिक बटन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
तेहखंड में सालाना 72 हजार वाहनों की फिटनेस जांच
तेहखंड में स्थापित किया गया चार-लेन वाला स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र दिल्ली का दूसरा ऐसा केंद्र है। इस केंद्र की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां प्रतिवर्ष 72 हजार वाहनों की फिटनेस जांच की जा सकेगी। इसमें 52 हजार भारी और हल्के मोटर वाहन तथा 20 हजार दोपहिया वाहन शामिल हैं। इस केंद्र की खासियत यह है कि वाहनों के ब्रेक, सस्पेंशन, हेडलाइट अलाइनमेंट, साइड-स्लिप और उत्सर्जन की जांच पूरी तरह से स्वचालित तरीके से होगी।
स्वचालित प्रणाली के उपयोग से मानवीय हस्तक्षेप में कमी आएगी, जिससे फिटनेस जांच की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ेगी। यह पहल न केवल पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाने में मदद करेगी, बल्कि सड़क सुरक्षा के मानकों को भी बेहतर बनाएगी।
बस बेड़े में इजाफा और नई ई-बस सेवा
इन 50 नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली का कुल बस बेड़ा अब लगभग 6,840 तक पहुंच गया है। वर्तमान में इस बेड़े में 5,088 इलेक्ट्रिक बसें और 1,752 सीएनजी बसें शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028-29 तक बसों की कुल संख्या को बढ़ाकर 14 हजार तक ले जाने का है, ताकि दिल्ली के निवासियों को सुगम सार्वजनिक परिवहन मिल सके।
इसके अतिरिक्त, दिल्ली से रेवाड़ी के बीच एक नई ई-बस सेवा की शुरुआत की गई है। यह बस धौला कुआं से शुरू होकर गुरुग्राम, मानेसर और धारूहेड़ा होते हुए रेवाड़ी तक जाएगी। लगभग 86 किलोमीटर की इस यात्रा के लिए यात्रियों को 153 रुपये का किराया देना होगा। यह सेवा अंतर-राज्यीय यात्रियों के लिए एक किफायती और प्रदूषण मुक्त विकल्प साबित होगी।
ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ध्यान केंद्रित किया है। इसी कड़ी में हसनपुर और गाजीपुर डिपो में नए सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन खोले गए हैं। इन स्टेशनों पर 240 किलोवाट क्षमता के चार-चार ईवी चार्जर लगाए गए हैं, जिससे इलेक्ट्रिक बसों और अन्य ईवी वाहनों को तेजी से चार्ज करने में मदद मिलेगी। यह कदम दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा साबित होगा।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!