डीग में साइबर अपराधियों पर पुलिस का बड़ा प्रहार: 'ऑपरेशन काउंटडाउन' में 33 गिरफ्तार, लग्जरी गाड़ियां जब्त
सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को ठगने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ डीग पुलिस ने ‘ऑपरेशन काउंटडाउन’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. के निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दबिश देकर 33 साइबर ठगों को गिरफ्तार और 3 बाल अपचारियों को निरुद्ध किया गया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

डीग में साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस का बड़ा अभियान
राजस्थान के डीग जिले में साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने 'ऑपरेशन काउंटडाउन' नाम से एक व्यापक अभियान चलाया है। पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. के नेतृत्व में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी गई। इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने कुल 33 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 3 बाल अपचारियों को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। इसमें 30 मोबाइल फोन, 49 फर्जी सिम कार्ड, 8 एटीएम कार्ड और 3 बैंक पासबुक शामिल हैं। इसके अलावा, पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई दो बोलेरो गाड़ियां और एक बाइक भी जब्त की है। यह कार्रवाई साइबर ठगों के आर्थिक नेटवर्क को चोट पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश
कैथवाड़ा थाना पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने दोंदड़ी से भुआपुरगढ़ी जाने वाले कच्चे रास्ते और औलन्दा पहाड़ की तलहटी में दो स्थानों पर कार्रवाई की। यहां से 17 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 17 मोबाइल, 21 फर्जी सिम और अन्य दस्तावेज मिले हैं। वहीं, सीकरी थाना पुलिस ने 8 आरोपियों को पकड़ा और एक किशोर को निरुद्ध किया। इनके पास से 6 एंड्रॉयड फोन और 5 फर्जी सिम बरामद हुए हैं।
जुरहरा थाना क्षेत्र में पुराने सिक्कों की खरीद-बिक्री के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने यहां 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन देकर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। इसके अलावा डीग कोतवाली और गोपालगढ़ थाना पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए क्रमशः 2 और 1 साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। गोपालगढ़ में दो बाल अपचारियों को भी निरुद्ध किया गया है।
ठगी का तरीका और पुलिस की अगली रणनीति
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी नाम और पते से अकाउंट बनाकर लोगों को झांसे में लेते थे। पुराने सिक्कों को ऊंचे दामों पर खरीदने का लालच देकर ये लोग आम जनता से ठगी करते थे। साइबर पोर्टल पर अब तक इन आरोपियों के खिलाफ 12 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें करीब 2 लाख 43 हजार 15 रुपये के संदिग्ध लेनदेन का रिकॉर्ड मिला है।
पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक खातों की गहनता से जांच कर रही है। विशेष रूप से 'म्यूल' बैंक खातों (जिनका उपयोग ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है) पर पुलिस का पूरा ध्यान है। पुलिस का मानना है कि इस जांच से साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क और अन्य सहयोगियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
यह अभियान साइबर सुरक्षा को लेकर पुलिस की सख्ती को दर्शाता है। डीग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी ताकि साइबर अपराधों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। फिलहाल, पकड़े गए सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि उनके अन्य साथियों और ठगी के पूरे तंत्र का खुलासा हो सके।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!