दतिया उपचुनाव: नामांकन पत्रों की जांच पूरी, अब 24 प्रत्याशी चुनावी मैदान में
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की मंगलवार को स्क्रूटनी पूरी हो गई। जांच के बाद 4 नामांकन निरस्त कर दिए गए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दतिया उपचुनाव: नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया संपन्न
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को चुनाव के लिए दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की गहन जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस प्रक्रिया के दौरान कुल 28 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र जमा किए थे, जिनकी बारीकी से समीक्षा की गई। जांच के बाद अब चुनावी तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।
रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा की गई जांच के बाद 4 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही अब दतिया विधानसभा सीट के लिए कुल 24 उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमाएंगे। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, उम्मीदवारों को अपनी उम्मीदवारी वैध रखने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेजों को समय सीमा के भीतर जमा करना अनिवार्य था।
किन कारणों से रद्द हुए नामांकन
नामांकन रद्द होने के पीछे मुख्य रूप से तकनीकी खामियां और दस्तावेजों का अभाव रहा। उदाहरण के तौर पर, लोक जनशक्ति पार्टी के उम्मीदवार रामसिंह बघेल के नामांकन पत्र में प्रस्तावकों के हस्ताक्षर न होने के कारण उसे खारिज कर दिया गया। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी प्रेमनारायण कुशवाह द्वारा अनिवार्य शपथ पत्र (एफिडेविट) जमा न किए जाने के कारण उनका नामांकन रद्द हुआ।
इसके अलावा, नेशनल पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार एस. डेनियल का नामांकन भी तकनीकी त्रुटियों के चलते स्वीकार नहीं किया गया। प्रशासन ने सभी संबंधित उम्मीदवारों को अपनी कमियां दूर करने का उचित अवसर प्रदान किया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर दस्तावेज पूरे न हो पाने के कारण रिटर्निंग ऑफिसर ने इन्हें निरस्त करने का निर्णय लिया।
डमी उम्मीदवार और आगे की प्रक्रिया
नामांकन प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस पार्टी द्वारा एक डमी उम्मीदवार भी मैदान में उतारा गया था। मुख्य उम्मीदवार घनश्याम सिंह का नामांकन पत्र सही पाए जाने के बाद, चुनावी नियमों के तहत डमी उम्मीदवार स्वामी शरण कुशवाह का नामांकन स्वतः ही निरस्त हो गया। यह प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की गई है।
अब जबकि नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो चुकी है, चुनावी प्रक्रिया का अगला चरण नाम वापसी का है। 16 जुलाई को उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे, जिसके बाद ही चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। इसके बाद ही चुनाव चिन्हों का आवंटन और प्रचार अभियान की औपचारिक शुरुआत होगी।
दतिया उपचुनाव को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आदर्श आचार संहिता के पालन और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। राजनीतिक दलों ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और अब अंतिम सूची जारी होने के बाद चुनावी सरगर्मियां और तेज होने की संभावना है।
आने वाले दिनों में सभी 24 प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क और रैलियों के माध्यम से मतदाताओं को लुभाने का प्रयास करेंगे। चुनाव आयोग ने भी शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के संकेत दिए हैं। दतिया की जनता की नजरें अब आगामी चुनावी गतिविधियों पर टिकी हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!