दरभंगा हिंसा: 59 उपद्रवी चिन्हित, प्रशासन अलर्ट मोड पर; ड्रोन से रखी जा रही निगरानी
Darbhanga student protest violence stone pelting police lathicharge incident latest news updates. लहेरियासराय थाना क्षेत्र के लोहिया चौक (हाजमा चौक) के पास प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दरभंगा में प्रदर्शन के दौरान बवाल, पुलिस पर पथराव
बिहार के दरभंगा जिले में गुरुवार को एक प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हो गई। लहेरियासराय थाना क्षेत्र के लोहिया चौक के पास प्रदर्शनकारियों ने अचानक पुलिस बल पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। देखते ही देखते पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी मनोज तिवारी, जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। उपद्रवियों ने न केवल पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया, बल्कि वहां मौजूद मीडिया कर्मियों और आम नागरिकों पर भी पथराव किया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
59 उपद्रवियों की पहचान, पांच हिरासत में
पुलिस प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अब तक 59 उपद्रवियों की पहचान कर ली है। इनमें से पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उपद्रवियों की पहचान के लिए ड्रोन फुटेज, सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी का सहारा लिया जा रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी संदिग्धों की तस्वीरें जारी की गई हैं ताकि आम जनता की मदद से अन्य आरोपियों को जल्द पकड़ा जा सके।
पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान में सहयोग के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। एसएसपी कार्यालय और लहेरियासराय थानाध्यक्ष के नंबरों पर सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया है। पुलिस का कहना है कि हर उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी जिसने कानून को हाथ में लेने की कोशिश की है।
आयोजकों पर भी गिरेगी गाज
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने साफ शब्दों में कहा है कि प्रदर्शन के आयोजकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन की अनुमति शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए दी गई थी, लेकिन आयोजक भीड़ को नियंत्रित रखने में विफल रहे। यदि जांच में उनकी लापरवाही या उकसावे की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने उपद्रवियों को चेतावनी दी है कि वे कानून की जद से बच नहीं पाएंगे।
शुक्रवार को भी प्रशासन अलर्ट
दरभंगा में शुक्रवार को भी प्रदर्शन का कार्यक्रम निर्धारित है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों के जरिए की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। प्रशासन ने आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने दोहराया है कि पुलिस हर उपद्रवी तक पहुंचेगी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपितों की धरपकड़ के लिए छापेमारी जारी है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जिले में शांति व्यवस्था बहाल रखना है और इसके लिए किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
