चित्तौड़गढ़: मोबाइल हैंग कर खाते से उड़ाए 95 हजार, दो महीने तक थानों के चक्कर काटता रहा पीड़ित
चित्तौड़गढ़ के रीको एरिया में मजदूरी करने वाले बड़ादिया निवासी मदनलाल प्रजापत के खाते से 29 जून को 95 हजार रुपए निकाल लिए गए। पीड़ित का कहना है कि घटना के समय उसका मोबाइल करीब डेढ़ घंटे तक हैंग रहा और चालू होने पर बैंक का मैसेज मिला कि खाते से रकम निकल चुकी है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

मजदूर की जमा-पूंजी पर साइबर ठगों का डाका
चित्तौड़गढ़ के रीको क्षेत्र में मजदूरी करने वाले एक व्यक्ति के साथ साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। बड़ादिया निवासी मदनलाल प्रजापत के बैंक खाते से अज्ञात ठगों ने 95 हजार रुपए उड़ा लिए। पीड़ित ने अपने मकान निर्माण के लिए बैंक से लोन लिया था, जिसकी बची हुई राशि ठगों ने एक झटके में साफ कर दी। इस घटना ने साइबर सुरक्षा पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना 29 जून की है। मदनलाल के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे उनका मोबाइल अचानक हैंग हो गया। उन्होंने काफी कोशिश की, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक फोन ने काम करना बंद कर दिया। जब मोबाइल सामान्य स्थिति में आया, तो बैंक से आए मैसेज ने उनके होश उड़ा दिए। खाते से 95 हजार रुपए निकल चुके थे, जबकि उन्होंने कोई भी ट्रांजैक्शन नहीं किया था।
दो महीने तक थानों के बीच भटकता रहा पीड़ित
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित को न्याय पाने के लिए दो महीने तक संघर्ष करना पड़ा। मदनलाल ने चंदेरिया थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उन्हें वहां से साइबर थाने भेज दिया गया। साइबर थाने से उन्हें वापस चंदेरिया थाने भेज दिया गया। इस तरह वे लगातार दो थानों के चक्कर काटते रहे, लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने में देरी की।
हैरानी की बात यह है कि साइबर पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच में यह पता लगा लिया था कि खाते से निकाली गई रकम बाड़मेर के एक पेट्रोल पंप कर्मचारी सुमेर सिंह द्वारा किसी अन्य के एटीएम कार्ड का उपयोग करके निकाली गई थी। आरोपी की पहचान होने के बावजूद पुलिस द्वारा कार्रवाई न करना पीड़ित के लिए मानसिक और आर्थिक परेशानी का कारण बना रहा।
एसपी के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
जब स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो मदनलाल ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को लिखित शिकायत दी। उन्होंने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि यह रकम उनके लिए केवल पैसे नहीं, बल्कि उनके सपनों के घर का आधार थी। एसपी के कड़े निर्देशों के बाद चंदेरिया पुलिस ने आखिरकार साइबर ठगी का मामला दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि अब मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी की पहचान के आधार पर पुलिस अब आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। मदनलाल ने मांग की है कि जांच जल्द पूरी की जाए और दोषियों को कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में किसी और के साथ ऐसा न हो।
साइबर सुरक्षा के प्रति रहें सतर्क
विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल हैंग होने की स्थिति में अक्सर बैकग्राउंड में कोई मैलवेयर सक्रिय हो सकता है। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करना और अपने बैंक विवरण सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। चित्तौड़गढ़ की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी आम लोगों को निशाना बनाने के लिए नई-नई तकनीकें अपना रहे हैं।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!