बृजभूषण शरण सिंह के बयान पर भाजपा विधायक अनिल सिंह का पलटवार, कहा- उम्र के कारण याददाश्त कमजोर
उन्नाव में भाजपा विधायक अनिल सिंह ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह की उम्र अधिक हो गई है और उनकी याददाश्त कमजोर हो गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में भारतीय जनता पार्टी के विधायक अनिल सिंह ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हालिया बयानों पर तीखी टिप्पणी की है। विधायक ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बृजभूषण शरण सिंह के अयोध्या हनुमानगढ़ी से जुड़े बयान को लेकर अपनी असहमति जताई और उनके बयानों को गंभीरता से न लेने की बात कही।
उम्र का हवाला देकर साधा निशाना
पुरवा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अनिल सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बृजभूषण शरण सिंह की उम्र अब काफी हो गई है। उन्होंने दावा किया कि 72 वर्ष की आयु में व्यक्ति की याददाश्त कमजोर होने लगती है और वह कई बार ऐसी बातें कह जाते हैं जिनका कोई ठोस आधार नहीं होता। विधायक के अनुसार, यही कारण है कि उनके बयानों को अब कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या की हनुमानगढ़ी को लेकर एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वहां कभी नमाज नहीं पढ़ी गई। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था, जिस पर अब उन्नाव के विधायक ने अपनी प्रतिक्रिया देकर मामले को और तूल दे दिया है।
बड़बोलेपन की आदत पर उठाए सवाल
विधायक अनिल सिंह ने केवल याददाश्त का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि बृजभूषण शरण सिंह के व्यवहार पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि हर मामले में अपनी राय रखना और अनावश्यक बयानबाजी करना उनकी आदत बन गई है। विधायक ने यह भी जोड़ा कि यदि पूर्व सांसद खुद को मुख्यमंत्री से भी बड़ा नेता समझते हैं, तो यह उनका व्यक्तिगत बड़बोलापन हो सकता है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी बातों का कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता।
यह टिप्पणी उन्नाव शहर के आजाद मार्ग स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप ग्रुप ऑफ मेमोरियल इंस्टीट्यूट में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान सामने आई। इस कार्यक्रम में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिनमें मुख्य विकास अधिकारी कृति राज और जिला पंचायत अध्यक्ष सुकून सिंह प्रमुख रूप से शामिल थे।
राजनीतिक हलकों में चर्चा
भाजपा के ही दो वरिष्ठ नेताओं के बीच इस तरह की बयानबाजी ने स्थानीय राजनीति में चर्चाओं को जन्म दे दिया है। एक ओर जहां बृजभूषण शरण सिंह अपने बयानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, वहीं पार्टी के अन्य नेताओं द्वारा उनके खिलाफ इस तरह की मुखर टिप्पणी पार्टी के भीतर के मतभेदों की ओर भी इशारा करती है।
फिलहाल, इस मामले पर बृजभूषण शरण सिंह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी समय में इस तरह के बयानों का असर पार्टी की आंतरिक एकता और आगामी रणनीतियों पर पड़ सकता है। विधायक अनिल सिंह का यह रुख स्पष्ट करता है कि पार्टी के भीतर भी अब वरिष्ठ नेताओं के बयानों को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!