राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भाजपा अध्यक्ष सख्त, सांसदों-विधायकों को दी अनुशासन की नसीहत
NDA allies to meet at Sangh office for Assembly Elections talks.

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर भाजपा अध्यक्ष की दो टूक
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी हालिया घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। लखनऊ में पार्टी नेताओं के साथ बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि जो कुछ भी हुआ वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे जनता के बीच गलत संदेश गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
नितिन नवीन ने कहा कि यह स्थिति पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण है क्योंकि विपक्ष को इसे मुद्दा बनाने का अवसर मिल गया है। उन्होंने पार्टी के सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे इस तरह के विवादों से दूर रहें और अपना ध्यान जनसेवा पर केंद्रित करें।
सांसदों-विधायकों के आपसी टकराव पर जताई चिंता
बैठक में नितिन नवीन ने पार्टी के भीतर गुटबाजी और नेताओं के बीच बढ़ते ईगो पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सांसद और विधायक आपसी मनमुटाव में उलझे रहे, तो इसका सीधा नुकसान आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को उठाना पड़ेगा। उन्होंने याद दिलाया कि अतीत में भी आपसी तालमेल की कमी के कारण पार्टी को विपरीत परिणामों का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने नेताओं को सलाह दी कि वे दिल्ली और लखनऊ के चक्कर लगाने के बजाय अपने क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं और जनता के साथ जुड़ें। उन्होंने कहा कि विधायक बनने के बाद जनता से दूरी बनाना गलत है और कार्यकर्ताओं को यह महसूस होना चाहिए कि सरकार और उनके प्रतिनिधि पूरी तरह से उनके साथ खड़े हैं।
2027 के चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को दिया मंत्र
नितिन नवीन ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी पदाधिकारियों को जीत का स्पष्ट लक्ष्य दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव का बिगुल बज चुका है और अब केवल बड़े आयोजनों या जुलूसों से काम नहीं चलेगा। जीत सुनिश्चित करने के लिए जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करना अनिवार्य है।
यूजीसी नियमों के विरोध पर उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को जातिगत पहचान से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि नियमों में कुछ त्रुटियां थीं जिन्हें सुधारने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़े रहने की आवश्यकता है।
सहयोगी दलों के साथ समन्वय और भविष्य की रणनीति
अपने दौरे के दूसरे दिन नितिन नवीन एनडीए के सहयोगी दलों के साथ बैठक करेंगे। इसमें अपना दल (एस), सुभासपा, निषाद पार्टी और रालोद के नेता शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में सीटों के बंटवारे और चुनावी रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। इसके बाद वे संघ कार्यालय जाकर पदाधिकारियों से भी संवाद करेंगे।
लखनऊ आगमन पर नितिन नवीन का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने शहर में एक लंबा रोड शो किया और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करने के लिए स्थानीय चाय की दुकानों पर भी समय बिताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए कार्यकर्ताओं को जमीन से जुड़कर काम करना चाहिए।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
