मध्यप्रदेश में भाजपा का चुनावी शंखनाद: ओबीसी मोर्चा को 2003 से पहले की स्थिति बताने का टास्क
भाजपा ने मध्यप्रदेश में OBC समाज के बीच अपने अभियान को तेज करने की तैयारी की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मंगलवार को पिछड़ा वर्ग मोर्चा की बैठक में कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों को कांग्रेस और भाजपा सरकारों के कामकाज का अंतर बताने को कहा।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

ओबीसी समाज के बीच सक्रिय हुई भाजपा
मध्यप्रदेश में आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन को और अधिक सक्रिय करने की रणनीति बनाई है। इसी क्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पिछड़ा वर्ग मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे जमीनी स्तर पर जाकर पार्टी की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएं।
खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग का भाजपा के प्रति अटूट विश्वास रहा है और पार्टी की चुनावी सफलता में इस वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस विश्वास को और मजबूत करने के लिए समाज के हर वर्ग को संगठन के साथ जोड़ने का प्रयास करें।
2003 के पहले और बाद के अंतर को समझाने का लक्ष्य
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को एक विशेष टास्क सौंपा है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को वर्ष 2003 से पहले के मध्यप्रदेश की स्थिति के बारे में बताएं। इसके जरिए भाजपा का उद्देश्य जनता को यह समझाना है कि कांग्रेस और भाजपा के शासनकाल में विकास के स्तर में कितना बड़ा अंतर आया है।
पार्टी का मानना है कि यदि जनता को तुलनात्मक आंकड़े और तथ्य दिए जाएंगे, तो वे विपक्ष के दावों और भ्रामक प्रचार को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे तथ्यों के साथ अपनी बात रखें ताकि जनता के बीच सरकार की नीतियों का स्पष्ट संदेश जा सके।
युवाओं को जोड़ने और प्रतिनिधित्व पर जोर
युवाओं को संगठन से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। खंडेलवाल ने कहा कि युवाओं को 2014 से पहले के भारत और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश द्वारा की गई प्रगति के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। इससे युवा पीढ़ी को देश के विकास पथ को समझने में मदद मिलेगी।
ओबीसी प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर बोलते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने मध्यप्रदेश में चार मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग से दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार पिछड़ा वर्ग के सभी समाजों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व और सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
अन्य मोर्चों के साथ समन्वय और आगामी रणनीति
प्रदेश कार्यालय में पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अलावा महिला मोर्चा और अनुसूचित जनजाति मोर्चा की भी बैठकें आयोजित की गईं। महिला मोर्चा की बैठक में खंडेलवाल ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण और उनके नेतृत्व को सशक्त बनाने पर चर्चा की। वहीं, आदिवासी मोर्चा के कार्यकर्ताओं को जनजातीय समाज की जरूरतों को समझने और सरकारी योजनाओं को उन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान महिला मोर्चा द्वारा सीमा पर तैनात सेना के जवानों के लिए राखियां भी तैयार की गईं। ये राखियां जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के संदेश के साथ भेजी जाएंगी। भाजपा की यह सक्रियता आगामी समय में पार्टी के चुनावी अभियान की दिशा तय करने के रूप में देखी जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!