ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

बिहार शिक्षक तबादला नीति: सरकार ने बदले नियम, अब 73 हजार से अधिक शिक्षकों को मिलेगी राहत

अक्टूबर 2026 तक शिक्षकों की सभी मांगें और शिकायतें दूर कर दी जाएंगी। इसके बाद शिक्षकों को भी अपनी जिम्मेदारियां पूरी करनी होंगी।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

7 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
बिहार शिक्षक तबादला नीति: सरकार ने बदले नियम, अब 73 हजार से अधिक शिक्षकों को मिलेगी राहत
मूल स्रोत

बिहार में शिक्षकों के लिए बदली स्थानांतरण नीति

बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षकों के लिए स्थानांतरण नीति में बड़े बदलाव किए हैं। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि 31 अक्टूबर 2026 तक शिक्षकों की सभी लंबित मांगों और शिकायतों का निपटारा कर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया के बाद शिक्षकों से भी यह अपेक्षा की जाएगी कि वे अपनी शैक्षणिक जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करें।

वर्तमान में राज्य के 73,151 शिक्षकों ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब बिना शिक्षक की मर्जी के उनका तबादला नहीं किया जाएगा। पिछले कुछ महीनों में शिक्षक संगठनों के विरोध और प्रशासनिक चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने अपनी मूल नीति में चार प्रमुख बदलाव किए हैं, जो शिक्षकों के लिए काफी राहत भरे माने जा रहे हैं।

प्रमुख बदलाव: शनिवार को हाफ-डे और ऐच्छिक तबादले

सरकार का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय शनिवार को लेकर आया है। पूर्व में लागू की गई व्यवस्था के तहत शनिवार को भी पूरे दिन स्कूल चलाने का आदेश था, जिसे अब बदल दिया गया है। करीब 243 दिनों के बाद राज्य के सरकारी स्कूलों में शनिवार को फिर से हाफ-डे की व्यवस्था बहाल कर दी गई है। इसके अलावा, सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऐच्छिक बना दिया गया है।

अब किसी भी शिक्षक को उनकी इच्छा के विरुद्ध दूसरे स्कूल में नहीं भेजा जाएगा। शिक्षक अपनी पसंद के अधिकतम 30 विद्यालयों का विकल्प चुन सकते हैं, और पोस्टिंग उन्हीं में से किसी एक में की जाएगी। यदि कोई शिक्षक आवेदन नहीं करता है, तो उन्हें उनके वर्तमान विद्यालय में ही बने रहने की अनुमति दी जाएगी।

प्रोबेशन और सेवा अवधि की शर्तों में ढील

स्थानांतरण नियमावली में प्रोबेशन अवधि की शर्तों को भी शिथिल किया गया है। हाल ही में नियुक्त हुए शिक्षकों, जिनमें टीआरई-3, हेड टीचर और हेडमास्टर शामिल हैं, उन्हें भी आवेदन करने का अवसर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, जो शिक्षक पिछले दो वर्षों के भीतर स्थानांतरित हुए थे, उन्हें भी पुनः आवेदन की अनुमति मिली है।

एक अन्य बड़ा बदलाव पांच साल की अनिवार्य सेवा की शर्त को हटाना है। पहले यह प्रावधान था कि पांच साल की सेवा पूरी करने के बाद तबादला अनिवार्य होगा, जिसका शिक्षक संगठनों ने कड़ा विरोध किया था। पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बाध्यता को समाप्त कर दिया है, जिससे शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।

भविष्य की राह और सरकार का रुख

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन बदलावों का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ शिक्षकों के कार्य-जीवन संतुलन को बनाए रखना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी और शिक्षकों को अपनी पसंद के क्षेत्र चुनने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

आने वाले समय में, शिक्षा विभाग 31 अक्टूबर 2026 की समय-सीमा के भीतर सभी शिकायतों को हल करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद, विभाग का लक्ष्य स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करना है। शिक्षकों से भी उम्मीद की जा रही है कि वे इन नीतिगत बदलावों के बाद छात्रों के भविष्य को संवारने में अपनी पूरी ऊर्जा लगाएंगे।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें