भोपाल नाबालिग हत्याकांड: पुलिस ने छोटे तालाब में फिर शुरू की सर्चिंग, आरोपियों ने मेडिकल स्टूडेंट बनकर रची थी साजिश
भोपाल छोटे तालाब के धोबीघाट के पास 10 अगस्त को मिले 17 वर्षीय किशोर के अंधे कत्ल के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अब आरोपियों के बताए स्थान पर प्राइवेट पार्ट की तलाश कर रही है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

भोपाल में नाबालिग की हत्या और अंगों की तलाश
भोपाल के छोटे तालाब के धोबीघाट इलाके में 10 अगस्त को मिले एक 17 वर्षीय किशोर के शव के मामले में जांच कर रही पुलिस ने अब अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को पुलिस की टीम मुख्य आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर पहुंची और क्राइम सीन को रीक्रिएट किया। इस दौरान पुलिस का मुख्य उद्देश्य हत्या के बाद आरोपियों द्वारा फेंके गए किशोर के प्राइवेट पार्ट्स को बरामद करना था, जिन्हें अब तक तलाशा नहीं जा सका है।
शामला हिल्स और तलैया थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपियों से पूछताछ की और उनसे यह जानने का प्रयास किया कि हत्या के बाद वे किस रास्ते से गए थे और तालाब में किस सटीक स्थान पर उन्होंने अंगों को फेंका था। गोताखोरों की मदद से पूर्व में भी सर्चिंग की गई थी, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी थी। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों से मिले नए इनपुट के आधार पर इस बार अहम सुराग मिल सकते हैं।
1.20 करोड़ की लालच में मेडिकल स्टूडेंट का ढोंग
जांच में सामने आया है कि इस जघन्य वारदात के पीछे 1.20 करोड़ रुपये कमाने की साजिश थी। पुलिस ने इस मामले में आमिर कुरैशी और जोहेब खान को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है। मुख्य आरोपी जोहेब ने करीब एक महीने पहले ही पीड़ित किशोर से दोस्ती की थी। उसने खुद को मेडिकल का छात्र बताकर किशोर का भरोसा जीता था और अक्सर एप्रन पहनकर और गले में आला डालकर उससे मिलता था।
आरोपियों ने एक मोबाइल वीडियो के जरिए अंगों को निकालने का तरीका सीखा था। उन्हें यह झांसा दिया गया था कि किशोर के प्राइवेट पार्ट्स निकालकर बेचने से उन्हें बड़ी रकम मिल सकती है। इसी लालच में उन्होंने 15-16 साल के किशोर को अपना निशाना बनाने की योजना बनाई थी।
100 रुपये का लालच देकर ले गए थे मौत के घाट
घटनाक्रम के अनुसार, 6 अगस्त को दो नाबालिग आरोपी इकबाल मैदान पहुंचे, जहां पीड़ित किशोर पेन और चाबी के छल्ले बेचता था। उसे 100 रुपये देने का लालच देकर आरोपी अपने साथ ले गए। रास्ते में आमिर और अन्य साथी भी शामिल हो गए। सभी उसे गिन्नौरी और किलोल पार्क के रास्ते धोबीघाट ले गए, जहां उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने वीडियो में देखे गए तरीके से अंगों को काटकर प्लास्टिक की थैली में रख लिया था।
जब अंगों को बेचने का उनका प्रयास विफल रहा, तो दो-तीन दिन बाद उन्होंने उन्हें छोटे तालाब में फेंक दिया। 10 अगस्त को शव मिलने के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराया, जिसमें पेट और पैर पर चोट के निशान मिले थे। 15 अगस्त को मृतक की मां ने शव पर बने 'एसके' टैटू के आधार पर अपने बेटे की पहचान की थी।
जांच का अगला कदम
फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान तालाब से उन अंगों को बरामद करने पर है, जो इस केस में सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जा रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था या किसी गिरोह का हाथ है। आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि मामले के हर पहलू को स्पष्ट किया जा सके।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!