ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

भोपाल: आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर निगम सख्त, 5778 प्रतिष्ठानों को थमाए नोटिस

भोपाल में आवासीय भवनों के कमर्शियल उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम ने नोटिस दे रहा है। इनमें नरेला और गोविंदपुरा विधानसभाओं में नोटिस की संख्या सबसे ज्यादा है।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

17 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
भोपाल: आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर निगम सख्त, 5778 प्रतिष्ठानों को थमाए नोटिस
मूल स्रोत

आवासीय भवनों में व्यावसायिक उपयोग पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई

भोपाल में आवासीय संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग करने वालों पर नगर निगम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद निगम प्रशासन ने शहर भर में सर्वे अभियान तेज कर दिया है। अब तक कुल 5778 संपत्तियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनमें नरेला और गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हैं। जिन लोगों को 5 से 9 अगस्त के बीच नोटिस दिए गए थे, उनकी 10 दिन की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद अब उल्लंघन के मामलों में अंतिम चेतावनी दी जा रही है।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, जिन प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें अब 24 घंटे का अंतिम समय दिया जा रहा है। यदि इसके बाद भी आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां बंद नहीं की जाती हैं, तो निगम द्वारा इन प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। रविवार को भी निगम की टीमें नोटिस देने के काम में जुटी रहीं ताकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

62 हजार से अधिक संपत्तियां रडार पर

निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, शहर में 62 हजार से अधिक ऐसी संपत्तियां चिन्हित की गई हैं जो आवासीय श्रेणी में दर्ज हैं लेकिन वहां व्यावसायिक कार्य संचालित हो रहे हैं। सर्वे का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। 5 अगस्त से पहले 1018 नोटिस दिए गए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद यह संख्या तेजी से बढ़ी है। केवल 14 अगस्त को ही 1478 नोटिस जारी किए गए। आंकड़ों के मुताबिक, नरेला में 1470, गोविंदपुरा में 1250, हुजूर में 1032 और मध्य विधानसभा में 1093 नोटिस अब तक दिए जा चुके हैं।

नगर निगम की इस सख्ती से शहर के प्रमुख इलाकों जैसे अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर और अशोका गार्डन के कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। कई दुकानदार अब अपनी दुकानें व्यावसायिक क्षेत्रों में स्थानांतरित करने के लिए जगह तलाश रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते मास्टर प्लान का सही क्रियान्वयन किया गया होता और आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्रों का स्पष्ट सीमांकन होता, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

विरोध की तैयारी और आगे की रणनीति

इस कार्रवाई के विरोध में स्थानीय रहवासियों और कारोबारियों ने लामबंदी शुरू कर दी है। रविवार को हुई एक बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी शनिवार को सेवा कॉम्प्लेक्स से औरा मॉल तक टॉर्च रैली निकाली जाएगी। इसके अलावा, जन जागरूकता के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाने और अन्य स्थानीय समितियों को अपने साथ जोड़ने की योजना भी बनाई गई है। रहवासियों का कहना है कि वे इस मुद्दे पर अपनी बात मजबूती से प्रशासन के सामने रखेंगे।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सर्वे का काम केवल मुख्य मार्गों तक सीमित नहीं रहेगा। नदी-तालाबों के किनारे, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में बने अवैध निर्माणों की भी प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाएगी। इसके साथ ही, अवैध रूप से चल रहे मैरिज गार्डनों को भी नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। निगम का अनुमान है कि जांच पूरी होने पर नोटिस की कुल संख्या 1 लाख तक पहुंच सकती है, क्योंकि गली-मोहल्लों में भी बड़ी संख्या में अनधिकृत दुकानें खुल गई हैं।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें