भोपाल में फर्जी क्राइम ब्रांच अफसर बनकर लूट करने वाली पवित्रा का आपराधिक इतिहास, दर्ज हैं आधा दर्जन मामले

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

फर्जी अफसर बनकर लूटपाट करने वाली पवित्रा की खुली पोल
भोपाल में खुद को क्राइम ब्रांच की अधिकारी बताकर ड्रग तस्करी का झूठा आरोप लगाकर लोगों से लूटपाट करने वाली पवित्रा लालजी का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। हाल ही में सामने आए मामलों के बाद यह खुलासा हुआ है कि पवित्रा के खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में मारपीट और धमकाने के पांच गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। वह अलग-अलग घटनाओं में कभी खुद को वकील तो कभी निजी शिक्षक बताकर पुलिस और आम जनता को गुमराह करती रही है।
पवित्रा की कार्यप्रणाली बेहद शातिर रही है। कानूनी जानकारों के अनुसार, वह भोपाल कोर्ट में खुद को वकील बताती है, लेकिन जांच में पता चला है कि उसका पंजीकरण भोपाल बार एसोसिएशन में नहीं बल्कि जबलपुर में है। उसकी पहचान एक ऐसी महिला के रूप में बनी है जो विवादों में रहने के साथ-साथ कई आपराधिक गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल रही है।
बीयर न मिलने पर मैनेजर पर हमला और अन्य आपराधिक मामले
पवित्रा के खिलाफ दर्ज मामलों में जहांगीराबाद थाने में दर्ज एफआईआर प्रमुख है, जिसमें एक बार मैनेजर ने आरोप लगाया है कि बार बंद होने के बाद बीयर न मिलने पर पवित्रा ने उसके सिर पर गिलास दे मारा। इसके अलावा, हलालपुर में एक व्यापारी अमित तलरेजा की कार के कांच तोड़ने और उनके साथ मारपीट करने का मामला भी दर्ज है। इन घटनाओं ने शहर में उसकी छवि एक दबंग और अपराधी महिला की बना दी है।
अन्य मामलों में ऐशबाग थाने में दर्ज एक केस शामिल है, जिसमें एक युवती ने आरोप लगाया कि दोस्ती तोड़ने पर पवित्रा ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे डंडे और घूंसों से पीटा। वहीं, हबीबगंज और एमपी नगर थानों में भी उसके खिलाफ मारपीट, छेड़छाड़ और धमकी देने के मामले दर्ज हैं। इन सभी मामलों में वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लोगों को निशाना बनाती रही है।
लव जिहाद के चर्चित मामलों में गवाह की भूमिका
हैरानी की बात यह है कि आपराधिक रिकॉर्ड होने के बावजूद पवित्रा भोपाल के दो चर्चित लव जिहाद और दुष्कर्म के मामलों में गवाह बनी हुई है। कोहेफिजा और श्यामला हिल्स थाने में दर्ज इन मामलों में उसने दावा किया है कि वह पीड़िता के परिजनों को जानती है और उसने ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। श्यामला हिल्स वाले मामले में पीड़िता ने हाल ही में आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद पवित्रा की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
इस संबंध में श्यामला हिल्स की टीआई नीलम पटवा का कहना है कि पुलिस किसी भी ऐसे व्यक्ति को गवाह बना सकती है जो घटना के समय मौजूद हो या मामले से जुड़ा हो, भले ही उस व्यक्ति पर अन्य आपराधिक मामले दर्ज हों। वहीं, पवित्रा का अपना तर्क है कि उसने केवल उन लोगों की मदद की है जिन्होंने उसके पास आकर शिकायत की थी।
कानूनी शिकंजे में पवित्रा
पवित्रा लालजी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसके पूरे नेटवर्क और उन लोगों की जांच कर रही है जो उसके साथ इन वारदातों में शामिल थे। फर्जी क्राइम ब्रांच अफसर बनकर लोगों को डराने-धमकाने के इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। पुलिस अब उन सभी पुराने मामलों को फिर से खंगाल रही है जिनमें पवित्रा की संलिप्तता रही है ताकि उसे सख्त सजा दिलाई जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
