भिवानी में निवेश के नाम पर 15.60 लाख की धोखाधड़ी: सीकर के दो आरोपी गिरफ्तार, तीन राज्यों में दर्ज हैं मामले
Bhiwani police arrest two accused in Nexa Evergreen investment fraud case. गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हरियाणा, राजस्थान व मध्य प्रदेश में भी धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

निवेश के नाम पर ठगी का जाल
भिवानी जिला अनुसंधान इकाई ने एक बड़े निवेश घोटाले का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर नेक्सा एवरग्रीन धोलेरा के नाम पर लोगों को निवेश का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने सोशल मीडिया और गूगल मीट के जरिए लोगों को लुभावने वादे देकर फंसाया था।
मामले की शुरुआत भिवानी के गांव चांग निवासी पवन कुमार की शिकायत से हुई। उन्होंने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने गुजरात के धोलेरा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में निवेश करने पर मात्र 14 महीने में राशि दोगुनी करने और हर महीने 3 प्रतिशत रिटर्न देने का लालच दिया था। इस झांसे में आकर उन्होंने 15 लाख 60 हजार रुपये का निवेश किया था।
वादे के विपरीत नहीं मिला रिटर्न
शिकायतकर्ता के अनुसार, निवेश के बाद उन्हें केवल 91,657 रुपये ही वापस मिले, जिसके बाद कंपनी ने भुगतान करना बंद कर दिया। आरोपियों ने न केवल मूल राशि हड़प ली, बल्कि निवेशकों के साथ संपर्क भी तोड़ लिया। इस धोखाधड़ी के बाद पीड़ित ने भिवानी के सदर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और 420 के तहत मामला दर्ज कराया था।
जांच के दौरान पुलिस ने राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले उपेंद्र कुमार और सुभाष चंद्र को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। ये दोनों आरोपी इस पूरे घोटाले के मुख्य सूत्रधार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश कर दो दिन का रिमांड हासिल किया है ताकि ठगी गई राशि और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
तीन राज्यों में फैला है अपराध का दायरा
पुलिस पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है। इन पर राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। इससे स्पष्ट होता है कि आरोपी एक संगठित तरीके से अलग-अलग राज्यों में लोगों को अपना निशाना बना रहे थे।
जिला अनुसंधान इकाई के एएसआई सुरेंद्र ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और ठगी गई कुल राशि का आंकड़ा कितना बड़ा है। अन्य राज्यों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि आरोपियों के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की जानकारी जुटाई जा सके।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल, पुलिस की प्राथमिकता इस नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले कंपनी की विश्वसनीयता की जांच जरूर करें और सोशल मीडिया पर मिलने वाले लुभावने विज्ञापनों के बहकावे में न आएं।
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है और उम्मीद है कि रिमांड अवधि के दौरान कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। पीड़ित निवेशकों को उम्मीद है कि कानून के शिकंजे में आने के बाद उन्हें अपनी डूबी हुई रकम वापस मिल सकेगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
