भिवानी कोर्ट का बड़ा फैसला: 9 साल पुराने हत्या के प्रयास मामले में दो दोषियों को उम्रकैद
भिवानी कोर्ट ने जान से मारने की नीयत से गोली चलाने के मामले में 2 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

नौ साल बाद मिला न्याय: जानलेवा हमले के दोषियों को सजा
हरियाणा के भिवानी जिले की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में नौ साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है, जिसे न भरने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला दिसंबर 2016 का है, जिसने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी।
घटनाक्रम के अनुसार, 5 दिसंबर 2016 को बवानीखेड़ा निवासी अनिल अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने उन्हें निशाना बनाया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से उन पर गोलियां चलाईं। अपनी जान बचाने के लिए अनिल ने भागकर घर में शरण ली, लेकिन हमलावरों ने पीछा करते हुए भी फायरिंग जारी रखी, जिससे वह घायल हो गए थे।
पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया
शिकायत मिलने के तुरंत बाद बवानीखेड़ा थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाई और भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 34 और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने गहन जांच के बाद साक्ष्य जुटाए और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य सबूतों को बरामद कर पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया, जिसके बाद लंबी न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई।
अदालत ने बवानीखेड़ा के वार्ड नंबर-12 निवासी अजय और भिवानी के गांव बलियाली निवासी अमरदीप को इस अपराध का दोषी माना। दोनों दोषियों को धारा 307 और 34 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना राशि जमा न करने पर उन्हें छह महीने की अतिरिक्त कठोर कैद काटनी होगी।
आर्म्स एक्ट के तहत भी मिली सजा
हत्या के प्रयास के अलावा, अदालत ने दोनों दोषियों को आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी पाया। इस अपराध के लिए उन्हें तीन-तीन साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही, 10-10 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है। इस जुर्माने का भुगतान न करने पर भी दोषियों को छह महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
भिवानी के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिला पुलिस संगीन अपराधों में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में पुलिस का प्रयास रहता है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर अदालत में मजबूत साक्ष्य पेश किए जाएं ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों को कानून के दायरे में सजा दिलाई जा सके।
यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय का प्रतीक है, बल्कि उन लोगों के लिए भी एक कड़ा संदेश है जो कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करते हैं। अदालत की इस सख्ती से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!