भिंड में भीषण सड़क हादसा: पिकअप और ट्रक की टक्कर में 8 मजदूरों की मौत, 23 घायल
गायों को बचाने में बिगड़ा संतुलन। गोहद चौराहा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

भिंड में दर्दनाक हादसा: मवेशियों को बचाने के चक्कर में गई 8 लोगों की जान
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ। गोहद थाना क्षेत्र के छीमका गांव के पास एक तेज रफ्तार पिकअप और ट्रक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 23 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में ट्रक चालक भी शामिल है।
घटना की सूचना मिलते ही गोहद चौराहा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय निवासियों की मदद से पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को पिकअप से बाहर निकाला और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर कर दिया गया है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है।
धान की रोपाई कर घर लौट रहे थे मजदूर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिकअप में सवार सभी लोग मजदूर थे जो ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई का काम पूरा करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। ये सभी मजदूर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पिकअप में कुल 29 लोग सवार थे, जो अलग-अलग गांवों से ताल्लुक रखते थे।
हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, पिकअप की गति काफी तेज थी। छीमका गांव के पास हाईवे पर अचानक कुछ मवेशी (गाय) आ गए। पिकअप चालक ने मवेशियों को बचाने के प्रयास में वाहन से नियंत्रण खो दिया और सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए।
हाईवे पर मवेशियों का खतरा और यातायात व्यवस्था
गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में मवेशियों को बचाने की कोशिश ही इस दुर्घटना का मुख्य कारण सामने आई है। हाईवे पर रात के समय मवेशियों का अचानक आ जाना अक्सर बड़े हादसों का सबब बनता है। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हादसे के तुरंत बाद हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया गया। प्रशासन अब मृतकों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है ताकि शवों को उनके पैतृक गांव भेजा जा सके।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा और मवेशियों के प्रबंधन के मुद्दे को हवा दे दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर मवेशियों के जमावड़े के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। फिलहाल, अस्पताल में भर्ती घायलों का इलाज चल रहा है और कई लोगों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!