भीलवाड़ा: सोशल मीडिया पर 'डॉन' बनने का शौक पड़ा भारी, हथियारों के साथ रील बनाने वाले 5 युवक गिरफ्तार
सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो और रील पोस्ट कर खुद को डॉन, माफिया और गैंगस्टर के रूप में पेश करने वाले युवकों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और तकनीकी सर्विलांस के जरिए पांच थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हथियारों के साथ रौब दिखाना पड़ा महंगा
भीलवाड़ा जिले में सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कर खुद को डॉन और माफिया के रूप में पेश करने वाले पांच युवकों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ये युवक इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर बंदूक और तलवार के साथ रील बनाकर युवाओं में अपना दबदबा बनाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए इन सभी की पहचान की और पांच अलग-अलग थाना क्षेत्रों से इन्हें गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद इन रीलबाजों के तेवर पूरी तरह से बदल गए। सोशल मीडिया पर जो युवक खुलेआम हथियारों के साथ अपनी धौंस जमा रहे थे, पुलिस हिरासत में आते ही वे हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आए। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।
पांच थानों की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह अभियान जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान का हिस्सा है। बनेड़ा थाना पुलिस ने सरदारपुरा निवासी बलराम उर्फ बल्लू जाट को गिरफ्तार किया, जिसने बंदूक के साथ फोटो डालकर खुद को एक गैंग से जोड़कर पेश किया था। वहीं, सदर थाना पुलिस ने चौपड़ा का खेड़ा निवासी सुरेश कालबेलिया को पकड़ा, जो तलवार और बंदूक के साथ वीडियो बनाकर लोगों में दहशत फैलाने का प्रयास कर रहा था।
इसी क्रम में आसींद थाना पुलिस ने बगता का खेड़ा निवासी रामलाल उर्फ रॉकी को बंदूक के साथ रील बनाने के आरोप में दबोचा। इसके अलावा, शाहपुरा थाना पुलिस ने उदयभान गेट निवासी राज उर्फ लकी और कारोई थाना पुलिस ने कोठारिया निवासी कुलदीप सिंह को हथियारों के प्रदर्शन के मामले में हिरासत में लिया है।
पुलिस की चेतावनी: कानून से ऊपर कोई नहीं
जिले के पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करना, बदमाशों का महिमामंडन करना और आम जनता में डर पैदा करना गंभीर कानूनी अपराध है। पुलिस ऐसे तत्वों पर लगातार नजर रख रही है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके आपराधिक छवि बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को गुमराह होने से बचाने के लिए ऐसी गतिविधियों पर सख्ती बरती जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस तरह की आपत्तिजनक पोस्ट या वीडियो को बढ़ावा न दें और यदि कोई ऐसा कृत्य करता है तो उसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। इस कार्रवाई के बाद से जिले में रील बनाने वाले अन्य युवकों में भी हड़कंप मच गया है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किन हथियारों का इस्तेमाल कर रहे थे और क्या वे किसी संगठित गिरोह से जुड़े हैं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी सोशल मीडिया पर निगरानी जारी रहेगी और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!