ब्रेकिंग
करौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शवजोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: इलाज के दौरान दूसरे फायर फाइटर ने तोड़ा दम, एक की हालत अब भी नाजुकसागर: आदतन अपराधी मुलायम यादव पर जिला प्रशासन का कड़ा एक्शन, छह महीने के लिए किया जिलाबदरलखनऊ: दुबग्गा में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, ममेरा भाई गिरफ्तारबीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकटपानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
करौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शवजोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: इलाज के दौरान दूसरे फायर फाइटर ने तोड़ा दम, एक की हालत अब भी नाजुकसागर: आदतन अपराधी मुलायम यादव पर जिला प्रशासन का कड़ा एक्शन, छह महीने के लिए किया जिलाबदरलखनऊ: दुबग्गा में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, ममेरा भाई गिरफ्तारबीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकटपानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

भरतपुर निकाय चुनाव: भाजपा-कांग्रेस की सूची पर टिकी नजरें, टिकट न मिलने पर निर्दलीय ताल ठोकने की तैयारी

नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन शनिवार को कलेक्ट्रेट में प्रत्याशियों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। भाजपा और कांग्रेस की प्रत्याशी सूची को लेकर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में चर्चा तेज है।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

29 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
भरतपुर निकाय चुनाव: भाजपा-कांग्रेस की सूची पर टिकी नजरें, टिकट न मिलने पर निर्दलीय ताल ठोकने की तैयारी
मूल स्रोत

नामांकन प्रक्रिया का दूसरा दिन और सियासी हलचल

भरतपुर में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। मुख्य राजनीतिक दलों, भाजपा और कांग्रेस के खेमों में अपने प्रत्याशियों की सूची जारी होने को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कई दावेदार अभी भी पार्टी आलाकमान के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

कलेक्ट्रेट में नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हैं। वार्डवार नामांकन के लिए कुल पांच अलग-अलग कक्ष निर्धारित किए गए हैं। प्रत्याशियों को अपने समर्थकों के साथ परिसर में आने की अनुमति तो है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर समर्थकों को मुख्य कार्यालय भवन के भीतर प्रवेश करने से रोका जा रहा है। इस कारण कलेक्ट्रेट के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लग रहा है और परिसर में वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

टिकट वितरण और बागी होने का खतरा

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दोनों ही प्रमुख दलों के लिए टिकट वितरण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। कई दावेदार पार्टी की आधिकारिक सूची जारी होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। स्थिति यह है कि यदि किसी दावेदार को पार्टी से टिकट नहीं मिलता है, तो उन्होंने पहले ही निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। ऐसे में 31 अगस्त की तारीख बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, 31 अगस्त नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है। यदि पार्टी की ओर से टिकटों की घोषणा में देरी होती है या दावेदारों की उम्मीदों के अनुरूप निर्णय नहीं होता है, तो वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। इसके अलावा, टिकट न मिलने की स्थिति में कार्यकर्ताओं में असंतोष और विरोध प्रदर्शन की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

प्रशासनिक तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था

प्रशासन ने शांतिपूर्ण नामांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कलेक्ट्रेट के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैले। अधिकारियों का कहना है कि नामांकन के दौरान कोविड प्रोटोकॉल और आचार संहिता के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई है ताकि आम जनता को भी परेशानी न हो।

आगामी दो दिनों में राजनीतिक दलों की ओर से प्रत्याशियों के नामों की घोषणा होने की प्रबल संभावना है। जैसे ही सूची सार्वजनिक होगी, चुनावी तस्वीर और अधिक स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल, सभी की निगाहें भाजपा और कांग्रेस के जिला कार्यालयों पर टिकी हैं, जहां बैठकों का दौर जारी है। प्रत्याशियों के चयन में जातिगत समीकरण और स्थानीय प्रभाव को मुख्य आधार माना जा रहा है।

आगे की राह और चुनावी समीकरण

निकाय चुनाव के इस चरण में भरतपुर की जनता नए जनप्रतिनिधियों को चुनने के लिए तैयार है। नामांकन के बाद नाम वापसी और चुनाव चिन्ह आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वास्तविक चुनावी मुकाबला सामने आएगा। फिलहाल, निर्दलीय दावेदारों की बढ़ती संख्या दोनों प्रमुख दलों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। यदि बड़ी संख्या में बागी मैदान में उतरते हैं, तो चुनावी परिणाम काफी रोचक हो सकते हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 31 अगस्त के बाद किसी भी स्थिति में नामांकन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसलिए, सभी राजनीतिक दलों को समय सीमा के भीतर अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना होगा। भरतपुर के मतदाता भी अब यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि उनके वार्ड से कौन से चेहरे चुनावी मैदान में उतरते हैं और वे किन वादों के साथ जनता के बीच जाते हैं।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें