भागलपुर में भाजपा मंडल अध्यक्ष की गोली मारकर हत्या, पार्षद पति पर लगा साजिश का आरोप
मरने से पहले भइया ने कहा कि पार्षद पति शशि मोदी के इशारे पर मुझे गोली मरवाई गई है। इसके बाद उनकी मौत हो गई।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

भागलपुर में दिनदहाड़े सनसनीखेज वारदात
बिहार के भागलपुर में भाजपा के मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती की हत्या से हड़कंप मच गया है। 11 सितंबर की सुबह बरगंज थाना क्षेत्र के कुतुबगंज इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया। इस घटना में उमा भूषण तांती की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने इस हत्याकांड के पीछे एक स्थानीय पार्षद के पति और उनके सहयोगियों का हाथ होने का गंभीर आरोप लगाया है।
मृतक के भाई अरविंद तांती ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उमा भूषण तांती घर से दूध लेने के लिए निकले थे। इसी दौरान दो बाइक सवारों ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों में पार्षद पति शशि मोदी का भांजा किशन उर्फ कृष्णा शामिल था। किशन ने करीब से उमा भूषण के सिर में गोली मारी और अपने साथी के साथ फरार हो गया।
मरने से पहले पीड़ित ने लिया नाम
घटना के तुरंत बाद मृतक के भाई और भतीजे अंकित ने मौके पर पहुंचकर उन्हें संभाला। परिजनों का दावा है कि दम तोड़ने से ठीक पहले उमा भूषण तांती ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें पार्षद पति शशि मोदी के इशारे पर गोली मारी गई है। इस बयान के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने पूरी योजना के साथ इस वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने ऐसी जगह का चुनाव किया जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। हालांकि, घटनास्थल से 50 मीटर दूर एक दुकान के सीसीटीवी में संदिग्ध बाइक सवारों को भागते हुए देखा गया है। पुलिस अब इन फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनके रूट को ट्रैक करने में जुटी है।
पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई
सूत्रों के अनुसार, आरोपी शशि मोदी और उमा भूषण तांती के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। शशि मोदी की पत्नी वार्ड-51 की पार्षद हैं और इलाके में उनका काफी प्रभाव है। पिछले साल जब उमा भूषण तांती को काली मंदिर समिति का अध्यक्ष बनाया गया, तब से दोनों के बीच तनातनी और बढ़ गई थी। पुलिस इसे राजनीतिक और सामाजिक विवाद के साथ-साथ जमीन के कारोबार से जुड़े मतभेदों के नजरिए से भी देख रही है।
पोस्टमॉर्टम करने वाले चिकित्सा कर्मियों ने बताया कि गोली बहुत करीब से मारी गई थी, जो सिर के अंदर तक धंस गई। इससे मस्तिष्क की नसों और ऊतकों को गंभीर नुकसान पहुंचा, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उनकी जान चली गई। फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस की जांच से हत्या की साजिश की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं।
पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया
सिटी एसपी ने बताया कि नामजद आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है, लेकिन वे फिलहाल फरार हैं। पुलिस तकनीकी इनपुट और मोबाइल लोकेशन के जरिए उनकी तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के असली कारणों का पूरी तरह खुलासा हो पाएगा।
इस घटना के बाद पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में माफिया और अपराधियों का गठजोड़ हावी है, जिसके कारण आम नागरिक सुरक्षित नहीं हैं। फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और मामले की गहन जांच जारी है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!