ब्यावर: सदर थाने का हेड कॉन्स्टेबल और दलाल रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, एसीबी की कार्रवाई
Beawar Sadar Police Station bribe case update, ACB trap operation and investigation details. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अजमेर इकाई ने ब्यावर सदर थाने में पदस्थापित हेड कांस्टेबल रामाकिशन और दलाल कानाराम को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार देर रात की गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

ब्यावर सदर थाने में एसीबी का बड़ा एक्शन
राजस्थान के ब्यावर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की अजमेर इकाई ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्यावर सदर थाने में तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल और एक दलाल को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह घटना सोमवार देर रात की है, जिसने स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब एक परिवादी ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। परिवादी के अनुसार, उसकी बहन के मामले में ब्यावर सदर थाने में दर्ज शिकायत पर राजीनामा करवाने के बदले में पुलिसकर्मियों द्वारा अवैध वसूली की जा रही थी। हेड कॉन्स्टेबल रामाकिशन और कॉन्स्टेबल मनोज पर राजीनामा के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था।
सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी पुलिसकर्मी वास्तव में रिश्वत की मांग कर रहे थे। बातचीत के बाद रिश्वत की राशि 8 हजार रुपये तय की गई। एसीबी के एएसपी राजवीर सिंह चंपावत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई और आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।
सोमवार देर रात जब परिवादी रिश्वत की राशि लेकर पहुंचा, तो हेड कॉन्स्टेबल रामाकिशन ने उसे दलाल कानाराम को देने के लिए कहा। जैसे ही कानाराम ने रिश्वत की रकम ली, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोचने की कोशिश की। हालांकि, इस दौरान एक नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला।
रिश्वत की रकम लेकर फरार हुआ आरोपी
एसीबी की टीम को देखते ही दलाल कानाराम ने चतुराई दिखाते हुए रिश्वत की पूरी राशि अपने परिचित राहुल काठात को थमा दी। राहुल मौके का फायदा उठाकर वह रकम लेकर फरार होने में सफल रहा। एसीबी ने मौके से हेड कॉन्स्टेबल रामाकिशन और दलाल कानाराम को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन राहुल की तलाश अभी भी जारी है।
एसीबी के अधिकारी अब फरार आरोपी राहुल काठात की तलाश में छापेमारी कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि राहुल के पकड़े जाने के बाद इस पूरे भ्रष्टाचार नेटवर्क का और अधिक खुलासा हो सकेगा। इस मामले में कॉन्स्टेबल मनोज की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस थानों में होने वाली दलाली और भ्रष्टाचार के मुद्दों को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थानों में राजीनामे के नाम पर इस तरह की अवैध वसूली आम बात हो गई है। एसीबी की इस कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में डर का माहौल है।
फिलहाल, एसीबी की टीम गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
